पैदल यात्रियों के लिए 30 अप्रैल तक राज्यभर में बनेगी 14 हजार नई जेब्रा क्रॉसिंग

Jitendra Kumar Sinha
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https://th-i.thgim.com/public/news/national/karnataka/sugjzu/article26433358.ece/alternates/LANDSCAPE_1200/04MNZEBRACROSSING



राज्य में सड़क सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण और व्यापक पहल की जा रही है। पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पथ एवं अन्य संबंधित विभागों द्वारा लगभग 14 हजार नए स्थलों की पहचान की गई है, जहां 30 अप्रैल तक जेब्रा क्रॉसिंग का निर्माण और पेंटिंग कार्य पूरा किया जाएगा। यह कदम न केवल यातायात व्यवस्था को अधिक अनुशासित बनाएगा, बल्कि दुर्घटनाओं में भी उल्लेखनीय कमी लाने में सहायक होगा।


राज्य में बढ़ते यातायात दबाव, शहरीकरण और पैदल यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। खासकर स्कूलों, अस्पतालों, बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और भीड़भाड़ वाले चौराहों के आसपास पैदल यात्रियों को सुरक्षित सड़क पार करने की सुविधा देना इसका मुख्य उद्देश्य है। जेब्रा क्रॉसिंग न केवल पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित मार्ग प्रदान करती है, बल्कि वाहन चालकों को भी सतर्क रहने का संकेत देती है।


इस संबंध में बिहार के विकास आयुक्त द्वारा सभी पथ संबंधित विभागों और प्राधिकरणों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देशों में कहा गया है कि सभी चिन्हित स्थलों पर निर्धारित समय-सीमा के भीतर, यानि 30 अप्रैल तक, मानक के अनुरूप और स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर जेब्रा क्रॉसिंग का निर्माण सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि पेंटिंग की गुणवत्ता ऐसी हो कि वह दिन और रात दोनों समय साफ दिखाई दे।


जेब्रा क्रॉसिंग के निर्माण में भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा तय मानकों का पालन किया जाएगा। सफेद थर्मोप्लास्टिक पेंट, रिफ्लेक्टिव स्ट्रिप्स और आवश्यक स्थानों पर संकेतक बोर्ड लगाए जाएंगे। कुछ व्यस्त स्थानों पर स्पीड ब्रेकर, स्टड्स और चेतावनी संकेत भी लगाए जाने की योजना है ताकि वाहन चालकों की गति नियंत्रित की जा सके।


इस योजना के तहत स्कूल, कॉलेज और अस्पताल क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन क्षेत्रों में चौड़ी और स्पष्ट जेब्रा क्रॉसिंग बनाई जाएंगी। कई स्थानों पर स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि स्कूल खुलने और छुट्टी के समय ट्रैफिक नियंत्रण के अतिरिक्त इंतजाम भी किए जाएं।


यह पहल केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण इलाकों और छोटे कस्बों में भी लागू की जा रही है। राज्यभर में फैले राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग, जिला सड़कें और नगर निगम क्षेत्र, सभी जगहों पर चिन्हित स्थलों पर जेब्रा क्रॉसिंग बनाई जाएंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।


विशेषज्ञों के अनुसार, स्पष्ट और सही स्थान पर बनी जेब्रा क्रॉसिंग से सड़क दुर्घटनाओं में 20-30 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है। पैदल यात्रियों को सुरक्षित स्थान मिलने से वे अनियंत्रित तरीके से सड़क पार करने से बचेंगे, वहीं वाहन चालक भी निर्धारित स्थान पर रुकने के लिए प्रेरित होंगे।


प्रशासन का मानना है कि केवल संरचना बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि आम नागरिकों और वाहन चालकों में जागरूकता भी जरूरी है। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय निकायों के सहयोग से जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, ताकि लोग जेब्रा क्रॉसिंग के महत्व को समझें और नियमों का पालन करें।


14 हजार नई जेब्रा क्रॉसिंग का निर्माण सड़क सुरक्षा की दिशा में एक ठोस और दूरदर्शी कदम है। यदि यह योजना तय समय-सीमा और मानकों के अनुसार पूरी होती है, तो राज्य में पैदल यात्रियों की सुरक्षा में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। यह पहल न केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि भविष्य में सुरक्षित और अनुशासित यातायात व्यवस्था की नींव भी रखेगी।



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