बिहार में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में परिवहन विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। अब केवल ट्रैफिक पुलिस या प्रशासन ही नहीं, बल्कि आम नागरिक भी यातायात नियमों के उल्लंघन की सूचना सीधे विभाग तक पहुंचा सकेंगे। इसके लिए विभाग ने एक विशेष व्हाट्सएप नंबर और ई-मेल आईडी जारी की है, जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति सड़क पर हो रहे नियम उल्लंघन की फोटो या वीडियो भेज सकता है। यह कदम केवल शिकायत व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों को सड़क सुरक्षा अभियान का सक्रिय भागीदार बनाने की कोशिश भी है। अक्सर देखा जाता है कि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन खुलेआम होता है, लेकिन हर जगह पुलिसकर्मियों की मौजूदगी संभव नहीं होती। ऐसे में नागरिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि लोग विभिन्न प्रकार के यातायात नियम उल्लंघन की जानकारी भेज सकते हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं तेज रफ्तार से वाहन चलाना (ओवरस्पीडिंग), बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाना, कार में सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करना, गलत दिशा में वाहन चलाना, रेड लाइट जंप करना, खतरनाक तरीके से वाहन चलाना और अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन। यदि कोई नागरिक सड़क पर ऐसी घटनाएं देखता है, तो वह मोबाइल से फोटो या वीडियो बनाकर विभाग को भेज सकता है।
परिवहन विभाग ने नागरिकों की सुविधा के लिए संपर्क माध्यम जारी किए हैं। व्हाट्सएप नंबर- 9153971897, ई-मेल आईडी: commandcontrolecenterbihar@gmail.com इन माध्यमों पर भेजी गई शिकायतों की जांच की जाएगी और यदि शिकायत सही पाई जाती है, तो संबंधित वाहन चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वर्तमान समय में तकनीक ने प्रशासनिक व्यवस्था को काफी सरल और प्रभावी बनाया है। आज लगभग हर व्यक्ति के पास स्मार्टफोन है और सड़क पर होने वाली घटनाओं को रिकॉर्ड करना आसान हो गया है। परिवहन विभाग इसी तकनीकी सुविधा का उपयोग सड़क सुरक्षा के लिए करना चाहता है। पहले जहां केवल ट्रैफिक कैमरे और पुलिसकर्मी ही निगरानी करते थे, अब हजारों-लाखों नागरिक भी एक तरह से "मोबाइल निगरानी तंत्र" का हिस्सा बन सकते हैं। इससे नियम तोड़ने वालों पर मनोवैज्ञानिक दबाव भी बनेगा कि अब केवल कैमरे ही नहीं, आम लोग भी उनकी गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं।
भारत में हर वर्ष बड़ी संख्या में सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इनमें से कई दुर्घटनाओं का मुख्य कारण यातायात नियमों की अनदेखी होती है। बिना हेलमेट वाहन चलाना, तेज रफ्तार, सीट बेल्ट नहीं लगाना और लापरवाही से ड्राइविंग करना अक्सर गंभीर हादसों की वजह बनते हैं। यदि नागरिक समय रहते ऐसे उल्लंघनों की सूचना देंगे, तो प्रशासन कार्रवाई कर सकेगा और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सकती है। इस प्रकार यह पहल केवल नियम लागू करने का माध्यम नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
परिवहन विभाग के सचिव राज कुमार ने कहा है कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आम जनता की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। केवल सरकारी तंत्र के भरोसे व्यवस्था को पूरी तरह नियंत्रित करना संभव नहीं है। जब नागरिक खुद जिम्मेदारी निभाएंगे, तभी बेहतर यातायात संस्कृति विकसित होगी। दुनिया के कई देशों में नागरिक रिपोर्टिंग सिस्टम पहले से सफल रहा है। लोग नियम उल्लंघन की जानकारी देकर प्रशासन की सहायता करते हैं और इससे कानून व्यवस्था मजबूत होती है।
नागरिकों को शिकायत करते समय कुछ सावधानियां भी बरतनी चाहिए। फोटो या वीडियो स्पष्ट होना चाहिए। वाहन का नंबर दिखाई देना चाहिए। झूठी या भ्रामक शिकायत भेजने से बचें। अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें। वाहन चलाते समय वीडियो बनाने का प्रयास न करें। इन बातों का पालन करके शिकायत प्रक्रिया अधिक प्रभावी और विश्वसनीय बन सकती है।
परिवहन विभाग की यह नई व्यवस्था नागरिकों को केवल दर्शक नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा अभियान का सहभागी बनाती है। यदि लोग जिम्मेदारी से इस सुविधा का उपयोग करें, तो सड़क पर अनुशासन बढ़ेगा और दुर्घटनाओं में कमी आ सकती है। सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है। जब जनता और प्रशासन मिलकर काम करेंगे, तभी सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था का सपना साकार हो सकेगा।
