बिहार में तैराकी खेल को नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण की ओर से 25 और 26 जुलाई को राजगीर खेल अकादमी में राज्य स्तरीय चयन प्रतियोगिता (ओपन ट्रायल) का आयोजन किया जाएगा। इस चयन प्रतियोगिता के माध्यम से उन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा, जो आगामी 42वीं सब जूनियर तथा 52वीं जूनियर राष्ट्रीय तैराकी चैंपियनशिप में बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह प्रतियोगिता राज्य के सभी योग्य और इच्छुक तैराकों के लिए खुली रहेगी, जिससे नए खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।
बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवींद्रण शंकरण ने बताया कि यह चयन प्रतियोगिता स्विमिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित की जा रही है। इसमें भाग लेने के इच्छुक खिलाड़ियों को 20 जुलाई की शाम 6 बजे तक अपना आवेदन जमा करना होगा। निर्धारित समय के बाद प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उन्होंने खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों से समय पर आवेदन करने तथा सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ चयन प्रक्रिया में भाग लेने की अपील की है।
राजगीर में होने वाले इस ट्रायल का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए बिहार की मजबूत और संतुलित टीम तैयार करना है। चयनित खिलाड़ी आगामी 42वीं सब जूनियर राष्ट्रीय तैराकी चैंपियनशिप तथा 52वीं जूनियर राष्ट्रीय तैराकी चैंपियनशिप में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे। इन राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देशभर के उत्कृष्ट तैराक हिस्सा लेते हैं। ऐसे में बिहार के खिलाड़ियों के लिए यह चयन प्रतियोगिता अपने प्रदर्शन के दम पर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का महत्वपूर्ण अवसर होगी।
इस बार चयन प्रक्रिया को ओपन ट्रायल के रूप में आयोजित किया जा रहा है। इसका सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि केवल स्थापित खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि राज्य के विभिन्न जिलों से उभर रही नई प्रतिभाओं को भी अपनी क्षमता साबित करने का अवसर मिलेगा। ग्रामीण और अर्द्धशहरी क्षेत्रों के अनेक खिलाड़ी बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाओं के अभाव में बड़े मंच तक नहीं पहुंच पाते। ओपन ट्रायल व्यवस्था ऐसे खिलाड़ियों के लिए एक समान अवसर उपलब्ध कराती है, जिससे प्रतिभा के आधार पर चयन सुनिश्चित किया जा सके।
हाल के वर्षों में राजगीर खेल अकादमी बिहार में खेल गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरी है। यहां आधुनिक खेल सुविधाएं, प्रशिक्षण संसाधन और प्रतियोगिताओं के आयोजन की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध है। तैराकी सहित विभिन्न खेलों के लिए विकसित अधोसंरचना खिलाड़ियों को उच्च स्तर की तैयारी का अवसर प्रदान कर रही है।
राज्य सरकार खेलों के विकास के लिए लगातार निवेश कर रही है, जिससे खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। इसी क्रम में राजगीर खेल अकादमी की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है।
पिछले कुछ वर्षों में बिहार के तैराकों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। खेल प्राधिकरण, प्रशिक्षकों और जिला तैराकी संघों के संयुक्त प्रयासों से राज्य में तैराकी के प्रति युवाओं का रुझान बढ़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण, वैज्ञानिक कोचिंग और आधुनिक सुविधाएं मिलती रहे तो बिहार के खिलाड़ी राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं। ऐसे चयन ट्रायल खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का वातावरण भी तैयार करते हैं।
खेल प्राधिकरण ने सभी इच्छुक खिलाड़ियों से निर्धारित तिथि तक आवेदन करने और चयन प्रतियोगिता में पूरी तैयारी के साथ भाग लेने की अपील की है। खिलाड़ियों को आयु प्रमाण पत्र, पहचान संबंधी दस्तावेज तथा अन्य आवश्यक प्रमाणपत्र निर्धारित नियमों के अनुसार प्रस्तुत करने होंगे। चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और प्रदर्शन आधारित होगी, ताकि राज्य की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिल सके।
राजगीर में आयोजित होने वाली यह राज्य स्तरीय चयन प्रतियोगिता केवल टीम चयन तक सीमित नहीं है, बल्कि बिहार में तैराकी संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी है। इससे नए खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी और राज्य में खेलों के प्रति सकारात्मक माहौल बनेगा। यदि चयनित खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं तो न केवल बिहार का गौरव बढ़ेगा, बल्कि राज्य के अन्य युवा भी तैराकी जैसे खेलों को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे। यही कारण है कि यह चयन प्रतियोगिता बिहार के खेल जगत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
