केन्द्र सरकार बनाएगी “सहकारी जीवन बीमा कंपनी”

Jitendra Kumar Sinha
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देश में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाने की घोषणा की है। केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने घोषणा की है कि सरकार जल्द ही एक नई सहकारी जीवन बीमा कंपनी स्थापित करेगी। इसका उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना, बीमा सेवाओं का विस्तार करना और देश के करोड़ों किसानों, श्रमिकों तथा सहकारी समितियों से जुड़े लोगों तक सस्ती एवं भरोसेमंद जीवन बीमा सुविधा पहुंचाना है। यह घोषणा सहकारिता मंत्रालय के पांचवें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में की गई। सरकार का मानना है कि सहकारी मॉडल के माध्यम से संचालित संस्थाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा का दायरा भी बढ़ा सकती हैं।

नई सहकारी जीवन बीमा कंपनी की परिकल्पना 'भारत टैक्सी' की सफलता से प्रेरित है। 'भारत टैक्सी' सहकारी मॉडल पर आधारित एक कैब सेवा मंच है, जिसका उद्देश्य ड्राइवरों और वाहन मालिकों को बिचौलियों से मुक्त कर सीधे लाभ उपलब्ध कराना है। इस मॉडल को अच्छा प्रतिसाद मिलने के बाद सरकार ने इसे अगले दो वर्षों में देश के 500 शहरों तक विस्तारित करने का लक्ष्य रखा है। इस विस्तार में झारखंड की राजधानी रांची भी शामिल होगी। 'भारत टैक्सी' ने यह साबित किया है कि सहकारिता के माध्यम से आधुनिक सेवाओं का संचालन प्रभावी और लाभकारी तरीके से किया जा सकता है। इसी अनुभव के आधार पर अब बीमा क्षेत्र में भी सहकारी मॉडल को अपनाने की तैयारी की जा रही है।

नई सहकारी जीवन बीमा कंपनी बनने से बीमा क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ने के साथ-साथ आम लोगों को कई प्रकार के लाभ मिलने की संभावना है। ग्रामीण और अर्द्धशहरी क्षेत्रों में जीवन बीमा की पहुंच बढ़ेगी। सहकारी समितियों से जुड़े सदस्यों को कम प्रीमियम पर बीमा योजनाएं उपलब्ध हो सकेगी। बीमा सेवाओं में पारदर्शिता और भरोसा बढ़ेगा। छोटे किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों और श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा का बेहतर विकल्प मिलेगा। लाभ कमाने के बजाय सदस्य हितों को प्राथमिकता मिलने की संभावना रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि सहकारी ढांचे में संचालित बीमा कंपनी का उद्देश्य केवल व्यवसाय करना नहीं होगा, बल्कि सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना भी होगा।

भारत की बड़ी आबादी आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है, जहां जीवन बीमा की पहुंच अपेक्षाकृत कम है। कई लोग जानकारी के अभाव, अधिक प्रीमियम या जटिल प्रक्रियाओं के कारण बीमा नहीं करा पाते। सहकारी संस्थाओं का गांव-गांव तक मजबूत नेटवर्क होने के कारण नई बीमा कंपनी इन चुनौतियों को काफी हद तक दूर कर सकती है। यदि प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS), दुग्ध समितियों, किसान उत्पादक संगठनों (FPO) तथा अन्य सहकारी संस्थाओं के माध्यम से बीमा योजनाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, तो बड़ी संख्या में लोगों को इसका लाभ मिल सकेगा। इससे आर्थिक संकट की स्थिति में परिवारों को वित्तीय सुरक्षा भी प्राप्त होगी।

पिछले कुछ वर्षों में केंद्र सरकार सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार नई पहल कर रही है। सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के बाद डिजिटल सेवाओं का विस्तार, पैक्स का आधुनिकीकरण, बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियों का गठन, कृषि भंडारण व्यवस्था को सुदृढ़ करना तथा राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न सहकारी संस्थाओं को जोड़ने जैसे अनेक कदम उठाए गए हैं। अब सहकारी जीवन बीमा कंपनी की स्थापना इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इससे सहकारी संस्थाओं की भूमिका केवल कृषि और ऋण तक सीमित न रहकर वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में भी मजबूत होगी।

नई बीमा कंपनी के गठन से केवल बीमा सेवाओं का विस्तार ही नहीं होगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। बीमा सलाहकार, एजेंट, डिजिटल सेवा प्रदाता, ग्राहक सहायता कर्मी तथा प्रशासनिक कर्मचारियों के रूप में हजारों युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। इसके साथ ही डिजिटल प्लेटफॉर्म और आधुनिक तकनीक के उपयोग से बीमा सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और तेज बनाया जा सकेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को भी नई गति मिलेगी।

सहकारी जीवन बीमा कंपनी की स्थापना का प्रस्ताव भारत के सहकारिता आंदोलन को नई दिशा देने वाला कदम साबित हो सकता है। 'भारत टैक्सी' मॉडल की सफलता के बाद बीमा क्षेत्र में सहकारी व्यवस्था का विस्तार सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। यदि यह योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो करोड़ों लोगों को सस्ती, सुलभ और भरोसेमंद जीवन बीमा सुविधा मिल सकेगी। साथ ही सहकारी संस्थाओं की आर्थिक क्षमता बढ़ेगी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और सामाजिक सुरक्षा का दायरा भी व्यापक होगा। यह पहल आत्मनिर्भर भारत और समावेशी विकास के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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