अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने विश्व क्रिकेट को और अधिक प्रतिस्पर्धी तथा रोमांचक बनाने के उद्देश्य से वनडे और टी-20 विश्व कप के प्रारूप में महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की है। वर्ष 2027 के आईसीसी वनडे विश्व कप में पहली बार 'सुपर-7' चरण को शामिल किया जाएगा, जबकि 2028 के टी-20 विश्व कप में अब तक प्रचलित 'सुपर-8' की जगह 'सुपर-10' प्रारूप अपनाया जाएगा। इन परिवर्तनों का उद्देश्य अधिक टीमों को आगे बढ़ने का अवसर देना, प्रतियोगिता को संतुलित बनाना और दर्शकों के लिए अधिक रोमांचक मुकाबले प्रस्तुत करना है।
2027 के वनडे विश्व कप में अब लीग चरण के बाद सीधे नॉकआउट मुकाबलों की बजाय 'सुपर-7' चरण खेला जाएगा। यह नया चरण प्रतियोगिता में रणनीतिक और प्रतिस्पर्धात्मक संतुलन लाने के लिए तैयार किया गया है। नए प्रारूप के अनुसार प्रारंभिक दौर में सभी योग्य टीमें मुकाबले खेलेंगी। इसके बाद प्रतियोगिता के अगले चरण में पहुंचने वाली टीमों का चयन नए नियमों के आधार पर किया जाएगा।
प्रारूप में एक और महत्वपूर्ण बदलाव 'सुपर सीरीज' के रूप में किया गया है। प्रारंभिक चरण में 12वें से 14वें स्थान पर रहने वाली टीमें सुपर सीरीज दौर में खेलेंगी। इस दौर की सर्वश्रेष्ठ टीम को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। इससे निचले स्थान पर रहने वाली टीमों के लिए भी टूर्नामेंट में वापसी की संभावना बनी रहेगी और प्रत्येक मैच का महत्व बढ़ जाएगा।
सुपर-7 चरण से पहले टीमों को छह-छह टीमों के दो समूहों में विभाजित किया जाएगा। प्रत्येक समूह में सभी टीमें एक-दूसरे के विरुद्ध मुकाबला करेगी। इसके बाद दोनों समूहों की शीर्ष तीन-तीन टीमें अगले चरण में पहुंचेगी। दोनों समूहों में बची हुई टीमों में से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली एक अतिरिक्त टीम भी सुपर-7 का हिस्सा बनेगी। इस प्रकार कुल सात टीमें सुपर-7 चरण में प्रवेश करेगी।
सुपर-7 चरण में सभी सात टीमें अंक तालिका के आधार पर प्रतिस्पर्धा करेंगी। यहां से शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी। इसके बाद विजेता टीमें फाइनल में आमने-सामने होंगी। इस व्यवस्था से प्रत्येक मैच का महत्व पहले की तुलना में अधिक बढ़ जाएगा क्योंकि छोटी-सी चूक भी किसी टीम को सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर कर सकती है।
आईसीसी ने केवल वनडे विश्व कप ही नहीं, बल्कि 2028 टी-20 विश्व कप के प्रारूप में भी महत्वपूर्ण संशोधन किया है। अब तक टी-20 विश्व कप में सुपर-8 चरण खेला जाता था, लेकिन नए प्रारूप में इसकी जगह सुपर-10 चरण लागू किया जाएगा। इससे अधिक टीमों को अगले दौर में खेलने का अवसर मिलेगा और टूर्नामेंट की अवधि तथा प्रतिस्पर्धा दोनों में वृद्धि होगी। टी-20 क्रिकेट की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। ऐसे में अधिक टीमों को शामिल करने से नए क्रिकेट राष्ट्रों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिलेगा।
पिछले कुछ वर्षों में क्रिकेट का दायरा तेजी से बढ़ा है। कई नई टीमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। ऐसे में पुराने प्रारूप में सीमित अवसर मिलने की शिकायतें सामने आती रही थी। आईसीसी का मानना है कि नए प्रारूप से अधिक देशों को प्रतिस्पर्धा का अवसर मिलेगा। हर मुकाबले का महत्व बढ़ेगा। दर्शकों को अधिक रोमांचक और करीबी मैच देखने को मिलेंगे। छोटे क्रिकेट राष्ट्रों को विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाने का मौका मिलेगा। टूर्नामेंट अधिक संतुलित और निष्पक्ष बनेगा।
नया प्रारूप टीमों के लिए नई रणनीतियां तैयार करने की चुनौती भी लेकर आएगा। अब केवल शुरुआती दौर में अच्छा प्रदर्शन पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि सुपर-7 जैसे अतिरिक्त चरण में भी लगातार बेहतर खेल दिखाना आवश्यक होगा। कोचों और चयनकर्ताओं को खिलाड़ियों की फिटनेस, कार्यभार प्रबंधन और विभिन्न परिस्थितियों के अनुसार टीम संयोजन पर अधिक ध्यान देना पड़ेगा। साथ ही खिलाड़ियों पर मानसिक दबाव भी बढ़ेगा क्योंकि प्रत्येक मैच सीधे अगले चरण की संभावनाओं को प्रभावित करेगा।
विश्व कप के नए प्रारूप का सबसे बड़ा लाभ दर्शकों और प्रसारण कंपनियों को भी मिलेगा। अधिक मुकाबलों का अर्थ है अधिक रोमांच, अधिक दर्शक और बेहतर व्यावसायिक अवसर। क्रिकेट प्रेमियों को अब अधिक बड़े मुकाबले देखने को मिलेंगे और प्रतियोगिता अंतिम चरण तक बेहद रोचक बनी रहेगी। इससे विश्व कप की लोकप्रियता और वैश्विक पहुंच में भी वृद्धि होने की संभावना है।
आईसीसी द्वारा वनडे विश्व कप 2027 में 'सुपर-7' और टी-20 विश्व कप 2028 में 'सुपर-10' प्रारूप लागू करने का निर्णय विश्व क्रिकेट के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह बदलाव प्रतियोगिता को अधिक प्रतिस्पर्धी, संतुलित और रोमांचक बनाएगा। साथ ही उभरती हुई क्रिकेट टीमों को अपनी क्षमता साबित करने का बड़ा मंच मिलेगा। यदि यह नया प्रारूप अपेक्षानुसार सफल रहता है, तो भविष्य में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अन्य प्रमुख टूर्नामेंटों में भी इसी प्रकार के नवाचार देखने को मिल सकते हैं।
