ऑस्ट्रेलिया के पश्चिमी तट पर स्थित लेक हिलियर (Lake Hillier) दुनिया की सबसे अनोखी और रहस्यमयी प्राकृतिक झीलों में से एक मानी जाती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका स्थायी गुलाबी रंग है, जो इसे किसी काल्पनिक दृश्य जैसा बनाता है। नीले समुद्र, सफेद रेत और आसपास की हरियाली के बीच यह गुलाबी झील प्रकृति की अद्भुत कलात्मकता का जीवंत उदाहरण है।
इस झील की खोज वर्ष 1802 में ब्रिटिश नाविक एवं अन्वेषक मैथ्यू फ्लिंडर्स ने की थी। जब वे ऑस्ट्रेलिया के तट का सर्वेक्षण कर रहे थे, तब उन्होंने एक छोटे से द्वीप पर इस गुलाबी झील को देखा। बाद में यह द्वीप “मिडल आइलैंड” के नाम से जाना गया, जहाँ यह झील स्थित है। शुरुआती समय में लोग इसके रंग को लेकर हैरान थे और इसे रहस्यमयी प्राकृतिक घटना मानते थे।
हिलियर झील का गुलाबी रंग किसी जादू या कृत्रिम कारण से नहीं, बल्कि प्राकृतिक जैविक प्रक्रियाओं के कारण होता है। वैज्ञानिकों के अनुसार इस झील में मौजूद सूक्ष्म जीव जैसे Dunaliella salina नामक शैवाल और कुछ नमक-प्रेमी बैक्टीरिया इस रंग के लिए जिम्मेदार हैं।
ये सूक्ष्म जीव अत्यधिक नमक वाले वातावरण में जीवित रहते हैं और बीटा-कैरोटीन नामक लाल-नारंगी पिगमेंट उत्पन्न करते हैं। यही पिगमेंट पानी को गुलाबी या हल्का गुलाबी रंग देता है। यही कारण है कि झील का रंग मौसम और प्रकाश के अनुसार थोड़ा बदल भी सकता है, लेकिन पूरी तरह समाप्त नहीं होता।
हिलियर झील का पानी अत्यधिक खारा (salty) है, लगभग समुद्र के पानी से कई गुना अधिक। इसी कारण यहाँ सामान्य जलीय जीव जीवित नहीं रह पाते। लेकिन यही कठोर परिस्थितियाँ उन विशेष सूक्ष्म जीवों के लिए अनुकूल बन जाती हैं जो यहाँ पाए जाते हैं।
झील के चारों ओर सफेद नमक की परत भी दिखाई देती है, जो गुलाबी पानी के साथ मिलकर एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करती है। यह दृश्य ऊपर से देखने पर और भी अधिक आकर्षक लगता है, खासकर जब झील नीले प्रशांत महासागर के बीच स्थित एक छोटे से द्वीप पर चमकती है।
एक दिलचस्प तथ्य यह है कि जब इस झील का पानी बोतल में भरा जाता है, तो उसका हल्का गुलाबी रंग कुछ समय तक बना रह सकता है। हालांकि समय के साथ यह रंग कम हो सकता है, लेकिन शुरुआती अवस्था में यह झील की विशेषता को बनाए रखता है। यही कारण है कि यह झील वैज्ञानिकों और पर्यटकों दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
हिलियर झील केवल एक पर्यटन स्थल ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक अध्ययन का महत्वपूर्ण केंद्र भी है। यहाँ पाए जाने वाले सूक्ष्म जीव extremophile श्रेणी में आते हैं, यानी वे अत्यधिक कठिन परिस्थितियों में भी जीवित रह सकते हैं।
इन जीवों का अध्ययन न केवल जैव विविधता को समझने में मदद करता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि पृथ्वी के बाहर, जैसे मंगल ग्रह या अन्य ग्रहों पर भी जीवन संभव हो सकता है। इसलिए इस झील का अध्ययन अंतरिक्ष विज्ञान के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
हालांकि हिलियर झील एक संरक्षित क्षेत्र में स्थित है और यहाँ सीधा पहुँचना सीमित है, फिर भी इसे ऊपर से देखने के लिए हेलीकॉप्टर और विमान टूर उपलब्ध हैं। आसमान से देखने पर यह झील किसी विशाल गुलाबी दर्पण जैसी प्रतीत होती है। पर्यटक इस दृश्य को देखकर मंत्रमुग्ध हो जाते हैं क्योंकि यह प्राकृतिक रंग संयोजन दुनिया में कहीं और बहुत कम देखने को मिलता है।
हिलियर पिंक लेक प्रकृति की उन अद्भुत रचनाओं में से एक है, जो हमें यह एहसास कराती है कि पृथ्वी पर अभी भी कई रहस्य छिपे हुए हैं। इसका स्थायी गुलाबी रंग, वैज्ञानिक कारण और अद्भुत दृश्य इसे दुनिया की सबसे खास झीलों में शामिल करता है। यह झील न केवल पर्यटन का आकर्षण है, बल्कि विज्ञान, पर्यावरण और जीवन की संभावनाओं को समझने का एक महत्वपूर्ण स्रोत भी है।
