मंत्रिपरिषद् ने दी “बिहार बाह्य विज्ञापन नियमावली, 2026” को मंजूरी

Jitendra Kumar Sinha
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पटना में बुधवार अपराह्न आयोजित मंत्रिपरिषद् की बैठक में राज्य सरकार ने सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग की “बिहार बाह्य विज्ञापन नियमावली, 2026” को मंजूरी प्रदान कर दी। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की। इस निर्णय को राज्य में सरकारी योजनाओं, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार की व्यवस्था को अधिक प्रभावी, आधुनिक और पेशेवर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। नई नियमावली का उद्देश्य बदलते संचार परिवेश के अनुरूप बाह्य विज्ञापन प्रणाली को व्यवस्थित करना तथा आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर सरकार और जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना है।


सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग बिहार सरकार का वह नोडल विभाग है जो विभिन्न सरकारी विभागों की योजनाओं, उपलब्धियों, विकासात्मक कार्यक्रमों, कल्याणकारी योजनाओं तथा अन्य जनहित से जुड़ी सूचनाओं का प्रचार-प्रसार करता है। अब तक विभाग पारंपरिक माध्यमों के साथ-साथ विभिन्न आधुनिक संचार माध्यमों का उपयोग करता रहा है। लेकिन सूचना प्रौद्योगिकी के तेजी से बदलते स्वरूप और डिजिटल युग की आवश्यकताओं को देखते हुए एक नई और व्यापक नियमावली की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए “बिहार बाह्य विज्ञापन नियमावली, 2026” तैयार की गई है।


बाह्य विज्ञापन (Outdoor Advertising) से तात्पर्य उन सभी प्रचार माध्यमों से है जो सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाते हैं। इनमें होर्डिंग, यूनिपोल, डिजिटल एलईडी स्क्रीन, बस शेल्टर, ट्रांजिट मीडिया, पोल कियोस्क, गैंट्री, सार्वजनिक सूचना बोर्ड और अन्य आधुनिक डिस्प्ले माध्यम शामिल हैं। नई नियमावली का उद्देश्य इन सभी माध्यमों का व्यवस्थित, पारदर्शी और पेशेवर उपयोग सुनिश्चित करना है ताकि सरकारी संदेश अधिक से अधिक लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।


नई नियमावली की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता लोक-निजी भागीदारी (Public-Private Partnership - PPP) को बढ़ावा देना है। सरकार का मानना है कि निजी क्षेत्र के पास आधुनिक तकनीक, संसाधन, रचनात्मकता और व्यावसायिक अनुभव उपलब्ध है। यदि इन क्षमताओं का उपयोग सरकारी जनजागरूकता अभियानों में किया जाए तो प्रचार की गुणवत्ता और प्रभाव दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इस व्यवस्था के माध्यम से सरकार निजी एजेंसियों की विशेषज्ञता का लाभ उठाकर कम समय में अधिक लोगों तक अपनी योजनाओं और संदेशों को पहुंचाने में सफल होगी।


आज के समय में संचार के साधनों में तेजी से बदलाव आया है। डिजिटल एलईडी स्क्रीन, स्मार्ट डिस्प्ले, इंटरएक्टिव विज्ञापन और हाई-रिजॉल्यूशन विजुअल मीडिया लोगों का ध्यान तेजी से आकर्षित करते हैं। नई नियमावली के लागू होने के बाद बिहार में भी इन आधुनिक तकनीकों का उपयोग बढ़ेगा। इससे सरकारी अभियानों का स्वरूप अधिक आकर्षक, प्रभावशाली और परिणामोन्मुखी बनेगा। विशेष रूप से स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, कृषि, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा जैसी योजनाओं की जानकारी अधिक प्रभावी तरीके से आम नागरिकों तक पहुंच सकेगी।


राज्य सरकार केवल योजनाओं का प्रचार ही नहीं करना चाहती, बल्कि बिहार की सकारात्मक छवि को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने का भी लक्ष्य रखती है। “ब्रांड बिहार” की अवधारणा के तहत राज्य की विकास यात्रा, निवेश की संभावनाएं, पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत, औद्योगिक विकास और सामाजिक परिवर्तन को आधुनिक प्रचार माध्यमों के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा। इससे निवेशकों, पर्यटकों और उद्योग जगत के बीच बिहार की सकारात्मक पहचान मजबूत होगी।


सरकारी योजनाओं की सफलता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि उनकी जानकारी आम जनता तक कितनी प्रभावी ढंग से पहुंचती है। नई नियमावली के माध्यम से टीकाकरण, स्वच्छता अभियान, सड़क सुरक्षा, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, महिला एवं बाल विकास, कृषि योजनाएं, आपदा प्रबंधन और अन्य जनहित कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार किया जा सकेगा। इससे नागरिकों की भागीदारी बढ़ेगी और सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक लोगों तक पहुंचेगा।


एक समान नियमावली लागू होने से बाह्य विज्ञापन से संबंधित प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आएगी। विज्ञापन एजेंसियों के चयन, तकनीकी मानकों, गुणवत्ता नियंत्रण और संसाधनों के उपयोग के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश उपलब्ध होंगे। इससे सरकारी प्रचार अभियानों की योजना, क्रियान्वयन और निगरानी पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बन सकेगी।


“बिहार बाह्य विज्ञापन नियमावली, 2026” राज्य सरकार की जनसंपर्क व्यवस्था को आधुनिक, तकनीक-आधारित और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। लोक-निजी भागीदारी, आधुनिक विज्ञापन तकनीकों के उपयोग और प्रभावी संचार व्यवस्था के माध्यम से सरकार अपनी विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को अधिक व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने में सक्षम होगी। इसके साथ ही “ब्रांड बिहार” को मजबूत करने, जनजागरूकता बढ़ाने और सरकारी संदेशों को सरल, आकर्षक तथा प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने में भी यह नियमावली महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आने वाले वर्षों में यह पहल बिहार में सरकारी संचार व्यवस्था को नई दिशा देने के साथ-साथ नागरिकों और सरकार के बीच संवाद को और अधिक सशक्त बनाने का आधार बन सकती है।



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