जीवन बीमा निगम (एलआईसी) देश की सबसे भरोसेमंद बीमा संस्थाओं में से एक है। करोड़ों लोगों ने अपने और अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एलआईसी की विभिन्न योजनाओं में निवेश किया है। लेकिन समय के साथ कई बार लोग अपनी पुरानी पॉलिसियों के दस्तावेज खो देते हैं, पता बदल जाता है, बैंक खाते बदल जाते हैं या फिर मैच्योरिटी के बाद भी राशि का दावा नहीं कर पाते। परिणामस्वरूप हजारों करोड़ रुपये की राशि वर्षों तक अनक्लेम्ड (बिना दावा की गई) बनी रहती है। यदि आपने भी कभी एलआईसी की पॉलिसी ली थी और उसका रिकॉर्ड अब आपके पास नहीं है, तो यह सही समय है कि उसकी जानकारी जुटाकर देखें। संभव है कि आपकी मेहनत की कमाई आज भी आपका इंतजार कर रही हो।
अनक्लेम्ड राशि वह धनराशि होती है, जिसका भुगतान एलआईसी द्वारा किया जाना है, लेकिन किसी कारणवश पॉलिसीधारक या उसके नामित व्यक्ति (नॉमिनी) ने उसका दावा नहीं किया। यह स्थिति कई कारणों से उत्पन्न हो सकती है, जैसे- पॉलिसी की मैच्योरिटी के बाद दावा नहीं करना। मृत्यु दावा (डेथ क्लेम) लंबित रह जाना। पॉलिसीधारक के संपर्क विवरण बदल जाना। दस्तावेजों का खो जाना। नॉमिनी को पॉलिसी की जानकारी नहीं होना। ऐसी राशि एलआईसी के पास सुरक्षित रहती है और पात्र व्यक्ति द्वारा दावा किए जाने पर निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद भुगतान कर दिया जाता है।
एलआईसी ने अनक्लेम्ड राशि की जानकारी प्राप्त करने की प्रक्रिया को बेहद सरल बना दिया है। अब घर बैठे ऑनलाइन यह पता लगाया जा सकता है कि आपके नाम कोई बकाया राशि है या नहीं। जांच के लिए आपको सामान्यतः पॉलिसी नंबर (यदि उपलब्ध हो), पैन नंबर, जन्मतिथि, नाम एवं अन्य आवश्यक विवरण की आवश्यकता होती है। इन जानकारियों के आधार पर एलआईसी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध सुविधा के माध्यम से अनक्लेम्ड राशि की स्थिति देखी जा सकती है। यदि जानकारी उपलब्ध होती है, तो आगे की प्रक्रिया के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए जाते हैं।
बहुत से लोग यह सोचकर दावा नहीं करते कि उनके पास पॉलिसी के मूल दस्तावेज नहीं हैं। जबकि ऐसा होना जरूरी नहीं है। यदि आपके दस्तावेज खो गए हैं, तब भी एलआईसी की शाखा में जाकर अपनी पहचान और उपलब्ध विवरण के आधार पर जानकारी प्राप्त की जा सकती है। जरूरत पड़ने पर पहचान पत्र, पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक खाते का विवरण तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। एलआईसी अधिकारी आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
अनक्लेम्ड राशि को वास्तविक हकदारों तक पहुंचाने के लिए एलआईसी लगातार प्रयास कर रही है। इसके तहत विभिन्न माध्यमों से पॉलिसीधारकों से संपर्क किया जा रहा है। इन माध्यमों में शामिल हैं एसएमएस भेजना। डाक द्वारा पत्र भेजना। एलआईसी एजेंट के माध्यम से संपर्क करना। शाखा कार्यालय से सूचना भेजना। बीमा सखी के माध्यम से जागरूकता अभियान। यदि एलआईसी की ओर से कोई संदेश या सूचना प्राप्त होती है, तो उसे नजरअंदाज न करें और उसकी सत्यता की पुष्टि कर आवश्यक कार्रवाई करें।
अक्सर देखा जाता है कि पॉलिसीधारक की मृत्यु के बाद परिवार के लोगों को उसकी बीमा पॉलिसी की जानकारी ही नहीं होती है। ऐसी स्थिति में बड़ी राशि वर्षों तक बिना दावा के पड़ी रह जाती है। इसलिए प्रत्येक पॉलिसीधारक को चाहिए कि वह अपनी बीमा पॉलिसियों की जानकारी अपने जीवनसाथी, बच्चों या नामित व्यक्ति के साथ साझा करे। साथ ही सभी दस्तावेजों की सुरक्षित प्रतियां भी तैयार रखें।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि वर्ष में कम-से-कम एक बार अपनी सभी वित्तीय योजनाओं की समीक्षा अवश्य करनी चाहिए। यदि आपने वर्षों पहले कोई एलआईसी पॉलिसी खरीदी थी, तो उसकी वर्तमान स्थिति जानना भी आवश्यक है। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि आपका मोबाइल नंबर अपडेट हो। पता और ईमेल सही दर्ज हो। बैंक खाते का विवरण अद्यतन हो। नॉमिनी की जानकारी सही हो। इन छोटी-छोटी सावधानियों से भविष्य में किसी भी प्रकार की परेशानी से बचा जा सकता है।
एलआईसी में वर्षों से पड़ी अनक्लेम्ड राशि केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की मेहनत की कमाई है। यदि आपने कभी एलआईसी की पॉलिसी ली थी या आपके परिवार के किसी सदस्य ने बीमा कराया था, तो एक बार उसकी स्थिति अवश्य जांच लें। थोड़ी-सी सतर्कता और कुछ मिनट का प्रयास आपको आपकी बकाया राशि दिला सकता है। साथ ही भविष्य में सभी बीमा दस्तावेजों को सुरक्षित रखना और समय-समय पर उनका रिकॉर्ड अपडेट करना भी उतना ही आवश्यक है। आर्थिक सुरक्षा के इस महत्वपूर्ण अधिकार का लाभ उठाकर आप अपनी जमा पूंजी को फिर से अपने हाथों में ला सकते हैं।

