बिहार विधानसभा ने अपनी कार्यप्रणाली को अधिक आधुनिक, प्रभावी और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विधानसभा परिसर में अपना स्वयं का प्रिंटिंग प्रेस स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इस पहल का उद्देश्य विधानसभा से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों, प्रश्नोत्तर पुस्तिकाओं, समिति प्रतिवेदनों तथा अन्य संसदीय सामग्री की छपाई को तेज, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है। लंबे समय से विधानसभा की मुद्रण संबंधी आवश्यकताओं के लिए गुलजारबाग स्थित सचिवालय मुद्रणालय पर निर्भरता रही है, लेकिन बदलती जरूरतों और तत्काल दस्तावेजों की बढ़ती मांग को देखते हुए अब अपना प्रेस स्थापित करने की योजना बनाई गई है।
शनिवार को बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार की अध्यक्षता में इस परियोजना को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधानसभा सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ गुलजारबाग प्रेस के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। बैठक में प्रस्तावित प्रिंटिंग प्रेस की स्थापना, आवश्यक संसाधनों, तकनीकी व्यवस्था और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि विधानसभा परिसर में लगभग 2500 वर्ग फीट स्थान प्रिंटिंग प्रेस की स्थापना के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इस स्थान पर आधुनिक मुद्रण मशीनें और अन्य आवश्यक उपकरण लगाए जाएंगे, जिससे विधानसभा की अधिकांश मुद्रण आवश्यकताओं को परिसर के भीतर ही पूरा किया जा सके।
वर्तमान समय में विधानसभा सचिवालय के विभिन्न दस्तावेजों की छपाई का कार्य गुलजारबाग स्थित सचिवालय मुद्रणालय के माध्यम से कराया जाता है। इनमें सदन के सत्र से संबंधित कार्यक्रम पुस्तिकाएं, अल्पसूचित प्रश्न, तारांकित प्रश्न, अतारांकित प्रश्न, विभिन्न समितियों की रिपोर्टें, विधेयकों की प्रतियां और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल होते हैं।
हालांकि यह व्यवस्था लंबे समय से प्रभावी रही है, लेकिन कई बार आकस्मिक परिस्थितियों में दस्तावेजों की तत्काल छपाई कराना चुनौतीपूर्ण साबित होता है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने भी बैठक में इस समस्या का उल्लेख करते हुए कहा कि समय पर दस्तावेज उपलब्ध न होने से सदन की कार्यवाही प्रभावित होने की संभावना बनी रहती है। इसी समस्या के समाधान के लिए अपना प्रिंटिंग प्रेस स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।
विधानसभा का अपना प्रिंटिंग प्रेस शुरू होने के बाद दस्तावेजों की छपाई में काफी तेजी आएगी। सत्र के दौरान कई बार अंतिम समय में प्रश्नों, संशोधनों अथवा अन्य संसदीय दस्तावेजों में बदलाव करना पड़ता है। ऐसे में बाहरी मुद्रणालय पर निर्भर रहने के कारण समय की कमी महसूस होती है। अब परिसर के भीतर ही छपाई की सुविधा उपलब्ध होने से कुछ ही समय में आवश्यक दस्तावेज तैयार किए जा सकेंगे। इससे न केवल कार्य में तेजी आएगी बल्कि सदन की कार्यवाही भी अधिक व्यवस्थित ढंग से संचालित हो सकेगी।
विधानसभा के अनेक दस्तावेज अत्यंत गोपनीय प्रकृति के होते हैं। कई बार महत्वपूर्ण विधेयकों, समितियों की रिपोर्टों या अन्य संवेदनशील दस्तावेजों को सार्वजनिक होने से पहले सुरक्षित रखना आवश्यक होता है। स्वयं का प्रिंटिंग प्रेस स्थापित होने से इन दस्तावेजों की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करना आसान होगा। बाहरी एजेंसियों या अन्य मुद्रणालयों पर निर्भरता कम होने से सूचना लीक होने की संभावना भी घटेगी। इससे विधानसभा की प्रशासनिक विश्वसनीयता और पारदर्शिता दोनों को मजबूती मिलेगी।
प्रस्तावित प्रिंटिंग प्रेस में आधुनिक डिजिटल प्रिंटिंग मशीनों और नवीनतम तकनीक का उपयोग किए जाने की संभावना है। इससे कम समय में अधिक गुणवत्ता वाली छपाई संभव होगी। डिजिटल तकनीक अपनाने से कागज की बचत, कम लागत और बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकेगी। इसके साथ ही दस्तावेजों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना भी आसान होगा, जिससे भविष्य में किसी भी दस्तावेज को सुरक्षित रखने और आवश्यकता पड़ने पर पुनः प्राप्त करने में सुविधा होगी।
स्वयं का प्रिंटिंग प्रेस स्थापित होने से विधानसभा सचिवालय की प्रशासनिक कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार आने की उम्मीद है। अधिकारियों और कर्मचारियों को दस्तावेजों की छपाई के लिए बाहरी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे समय की बचत होगी और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा। इसके अलावा, आपातकालीन परिस्थितियों में भी दस्तावेजों की तुरंत छपाई कर उन्हें सदस्यों तक पहुंचाया जा सकेगा। इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक तेज और प्रभावी बनेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम केवल वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की बढ़ती संसदीय जरूरतों को भी ध्यान में रखकर उठाया गया है। आने वाले वर्षों में विधानसभा की कार्यवाही, समितियों की संख्या और दस्तावेजों का दायरा बढ़ने की संभावना है। ऐसे में अपना प्रिंटिंग प्रेस विधानसभा को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
बिहार विधानसभा द्वारा अपना प्रिंटिंग प्रेस स्थापित करने का निर्णय प्रशासनिक सुधार और तकनीकी आधुनिकीकरण की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। इससे दस्तावेजों की छपाई तेज, सुरक्षित और समयबद्ध तरीके से हो सकेगी। साथ ही, गोपनीयता बनाए रखने, संसदीय कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने तथा प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने में भी यह परियोजना महत्वपूर्ण साबित होगी। यदि यह योजना निर्धारित समय पर पूरी होती है, तो बिहार विधानसभा देश की उन विधानसभाओं में शामिल होगी, जिन्होंने आधुनिक तकनीक और आत्मनिर्भर व्यवस्था को अपनाकर संसदीय कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कदम उठाया है।
