दुनिया में ऐसे अनेक बांध हैं जो अपनी विशालता, तकनीक और उपयोगिता के कारण विशेष पहचान रखते हैं। इन्हीं में से एक है चीन के आनहुई प्रांत के हुओशान काउंटी में स्थित फोजिलिंग बांध। यह केवल जल संरक्षण का साधन ही नहीं, बल्कि आधुनिक इंजीनियरिंग का एक उत्कृष्ट नमूना भी है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह 21 आपस में जुड़ी कंक्रीट की मेहराबों से निर्मित मल्टीपल आर्च डैम है। अपनी अनोखी संरचना, बहुउद्देशीय उपयोग और प्राकृतिक परिवेश के कारण यह बांध चीन की महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं में गिना जाता है।
फोजिलिंग बांध को पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना का पहला रेनफोर्स्ड कंक्रीट मल्टीपल आर्च डैम होने का गौरव प्राप्त है। इस प्रकार के बांध में पानी के दबाव को कई मेहराबों के माध्यम से मजबूत पिलरों तक पहुंचाया जाता है। इससे निर्माण सामग्री की बचत होती है और संरचना अधिक मजबूत तथा टिकाऊ बनती है। करीब 244 फीट (लगभग 74.4 मीटर) ऊंचे इस बांध की कुल लंबाई 400 मीटर से अधिक है। इसकी 21 मेहराबें इसे अन्य पारंपरिक बांधों से अलग पहचान देती हैं। दूर से देखने पर यह किसी विशाल स्थापत्य कला की रचना जैसा दिखाई देता है।
फोजिलिंग बांध का निर्माण कार्य जनवरी 1952 में शुरू हुआ। उस समय चीन अपने आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने के लिए बड़े पैमाने पर जल संसाधन परियोजनाओं पर कार्य कर रहा था। लगभग दो वर्ष के अथक प्रयासों के बाद यह बांध नवंबर 1954 में बनकर तैयार हुआ। उस दौर की सीमित तकनीकी सुविधाओं के बावजूद इतनी जटिल संरचना का निर्माण अपने आप में बड़ी उपलब्धि माना जाता है। यह परियोजना चीन की शुरुआती इंजीनियरिंग सफलताओं में शामिल है और आज भी देश के जल संसाधन विकास के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखती है।
फोजिलिंग बांध का निर्माण 'पी' नदी की पूर्वी धारा पर किया गया है। यह स्थान जल संग्रहण और बाढ़ नियंत्रण की दृष्टि से अत्यंत उपयुक्त माना गया। यहां बनने वाला विशाल जलाशय वर्षा ऋतु में अतिरिक्त जल को रोककर नीचे के क्षेत्रों को बाढ़ से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। साथ ही, यह जलाशय पूरे वर्ष पानी उपलब्ध कराता है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में कृषि और पेयजल व्यवस्था सुचारु बनी रहती है।
फोजिलिंग बांध केवल पानी रोकने के लिए नहीं बनाया गया है, बल्कि यह अनेक महत्वपूर्ण कार्यों को एक साथ पूरा करता है। बाढ़ नियंत्रण- मानसून के दौरान नदी में आने वाले अतिरिक्त पानी को नियंत्रित कर निचले इलाकों को बाढ़ से सुरक्षा प्रदान करता है। कृषि सिंचाई- जलाशय में संग्रहित पानी का उपयोग हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई के लिए किया जाता है, जिससे किसानों को वर्षभर पानी उपलब्ध रहता है। पनबिजली उत्पादन- बांध से जलविद्युत का उत्पादन भी किया जाता है, जिससे स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा प्राप्त होती है। स्थानीय जल आपूर्ति- आसपास के शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करने में भी यह बांध महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इन सभी उपयोगों के कारण फोजिलिंग बांध स्थानीय अर्थव्यवस्था और जनजीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है।
अपनी अनोखी बनावट और प्राकृतिक सुंदरता के कारण फोजिलिंग बांध पर्यटकों को भी आकर्षित करता है। बांध के आसपास फैली हरियाली, शांत जलाशय और पहाड़ी वातावरण यहां आने वाले लोगों को सुकून का अनुभव कराते हैं। पर्यटक यहां टूर बोट की सवारी का आनंद लेते हैं और जलाशय के मनोहारी दृश्यों का अवलोकन करते हैं। फोटोग्राफी, प्रकृति दर्शन और शांत वातावरण में समय बिताने के इच्छुक लोगों के लिए यह स्थान विशेष रूप से लोकप्रिय है।
फोजिलिंग बांध इस बात का उदाहरण है कि आधुनिक इंजीनियरिंग और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के बीच संतुलन कैसे स्थापित किया जा सकता है। इसकी मेहराबदार संरचना न केवल तकनीकी दृष्टि से प्रभावी है, बल्कि निर्माण सामग्री के अपेक्षाकृत कम उपयोग के कारण इसे संसाधन-कुशल डिजाइन भी माना जाता है। समय-समय पर इसके रखरखाव और सुरक्षा संबंधी कार्य किए जाते हैं ताकि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए भी समान रूप से उपयोगी बना रहे।
फोजिलिंग बांध केवल चीन की एक जल परियोजना नहीं, बल्कि दूरदर्शी योजना, वैज्ञानिक सोच और उत्कृष्ट इंजीनियरिंग का प्रतीक है। 21 मेहराबों वाली इसकी अनूठी संरचना इसे विश्व के विशिष्ट बांधों में स्थान दिलाती है। बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई, पनबिजली उत्पादन, पेयजल आपूर्ति और पर्यटन जैसे अनेक क्षेत्रों में इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यही कारण है कि फोजिलिंग बांध आज भी चीन की विकास यात्रा और जल संसाधन प्रबंधन का प्रेरणादायक उदाहरण माना जाता है।

