9 से 17 अगस्त तक 'हर घर तिरंगा' बनेगा जन-जन का अभियान

Jitendra Kumar Sinha
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स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर देशभक्ति की भावना को घर-घर तक पहुंचाने के उद्देश्य से बिहार सरकार ने इस वर्ष 9 से 17 अगस्त तक राज्यव्यापी 'हर घर तिरंगा' अभियान चलाने का निर्णय लिया है। कला एवं संस्कृति विभाग के नेतृत्व में आयोजित यह अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि इसे जनभागीदारी के माध्यम से जन-आंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया जाएगा।


सोमवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने इस अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस अभियान की सफलता तभी संभव होगी, जब समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो और हर घर पर पूरे सम्मान एवं गरिमा के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाए।


अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए राज्य सरकार ने सभी प्रखंडों को राष्ट्रीय ध्वज की खरीद हेतु एक-एक लाख रुपये उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इस राशि से प्रत्येक प्रखंड में लगभग 4,000 राष्ट्रीय ध्वज खरीदे जाएंगे। इन ध्वजों का वितरण विभिन्न संस्थानों, पंचायतों तथा आम नागरिकों के बीच किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक परिवार इस अभियान से जुड़ सके। 


सरकार की यह पहल इस बात का संकेत है कि राष्ट्रीय ध्वज केवल सरकारी भवनों तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक नागरिक अपने घर पर गर्व के साथ तिरंगा फहराकर राष्ट्र के प्रति अपनी निष्ठा और सम्मान व्यक्त करे।


मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने समीक्षा बैठक में कहा कि 'हर घर तिरंगा' केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी का अभियान है। इसका उद्देश्य प्रत्येक नागरिक के मन में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता और संविधान के प्रति सम्मान की भावना को और अधिक सशक्त करना है। उन्होंने सभी जिला पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अभियान के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि राज्य के प्रत्येक घर तक तिरंगा पहुंचे। इसके लिए पंचायत स्तर से लेकर जिला स्तर तक व्यापक समन्वय स्थापित किया जाएगा।


अभियान को सफल बनाने में विद्यालयों, महाविद्यालयों, स्वयंसेवी संगठनों, महिला समूहों, युवा क्लबों और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। विद्यार्थियों के माध्यम से तिरंगे के सम्मान, उसके इतिहास और राष्ट्रीय प्रतीकों के महत्व की जानकारी भी आम लोगों तक पहुंचाई जाएगी। इसके अलावा प्रभात फेरियां, जागरूकता रैलियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम, देशभक्ति गीत, चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिताओं जैसे आयोजन भी किए जा सकते हैं, जिससे बच्चों और युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना और अधिक प्रबल हो।


'हर घर तिरंगा' अभियान केवल ध्वज फहराने तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और उसकी गरिमा बनाए रखने का संदेश भी देता है। नागरिकों से अपेक्षा की जाती है कि वे भारतीय ध्वज संहिता का पालन करें और तिरंगे को निर्धारित नियमों के अनुसार ही फहराएं तथा अभियान समाप्त होने के बाद भी उसका सम्मानपूर्वक संरक्षण करें। राष्ट्रीय ध्वज भारत की स्वतंत्रता, लोकतंत्र, एकता और अखंडता का प्रतीक है। इसलिए उसका सम्मान करना प्रत्येक भारतीय का संवैधानिक और नैतिक दायित्व है।


स्वतंत्रता दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि उन वीर सपूतों के बलिदान को स्मरण करने का अवसर है जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। 'हर घर तिरंगा' अभियान इसी भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बन रहा है।


बिहार सरकार का यह प्रयास राज्य के प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र के साथ भावनात्मक रूप से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि समाज के सभी वर्ग सक्रिय रूप से इस अभियान में भाग लेते हैं, तो निश्चित रूप से 9 से 17 अगस्त के बीच पूरा बिहार तिरंगे के रंग में रंगा दिखाई देगा और राष्ट्रभक्ति का यह संदेश आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।



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