रेगिस्तान के बीच बसा नखलिस्तान है - “हुआकाचीना”

Jitendra Kumar Sinha
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दुनिया में ऐसे अनेक स्थान हैं जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और अनोखी भौगोलिक बनावट के कारण लोगों को आश्चर्यचकित कर देते हैं। दक्षिण अमेरिका के देश पेरू का हुआकाचीना (Huacachina) ऐसा ही एक अद्भुत स्थान है। विशाल रेगिस्तान के बीच स्थित यह छोटा-सा नखलिस्तान (ओएसिस) किसी सपने से कम नहीं लगता। चारों ओर फैली सुनहरी रेत और उसके मध्य चमकती नीले पानी की झील इस स्थान को एक जादुई रूप प्रदान करती है। यही कारण है कि हुआकाचीना आज दुनिया के सबसे प्रसिद्ध रेगिस्तानी पर्यटन स्थलों में गिना जाता है।


हुआकाचीना दक्षिण-पश्चिमी पेरू के इका (Ica) क्षेत्र में स्थित है। यह इका शहर से लगभग पाँच किलोमीटर की दूरी पर है। यहां पहुंचने में कुछ ही मिनट लगते हैं, लेकिन यहां का दृश्य देखते ही ऐसा लगता है मानो किसी दूसरी दुनिया में प्रवेश कर गए हों। यह गांव आकार में छोटा है और इसकी आबादी भी बहुत कम है। झील के चारों ओर होटल, रेस्तरां, कैफे और पर्यटकों के लिए विभिन्न सुविधाएं विकसित की गई हैं। पूरे वर्ष यहां हजारों देशी-विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं और रेगिस्तान के बीच बसे इस अनूठे गांव की सुंदरता का आनंद लेते हैं।


नखलिस्तान वह स्थान होता है जहां रेगिस्तान के बीच प्राकृतिक रूप से पानी उपलब्ध होता है और उसके कारण पेड़-पौधे उग आते हैं। माना जाता है कि हुआकाचीना में भूमिगत जल स्रोतों के कारण समय के साथ पानी एकत्र हुआ और उसके आसपास खजूर, यूकेलिप्टस तथा अन्य वृक्ष विकसित हो गए। इसी वजह से यहां जीवन संभव हो सका। हालांकि आधुनिक समय में जलस्तर को बनाए रखने के लिए कभी-कभी बाहरी स्रोतों से भी पानी उपलब्ध कराया जाता है, फिर भी इसकी प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक महत्व आज भी बरकरार है।


हुआकाचीना केवल प्राकृतिक सौंदर्य के लिए ही नहीं, बल्कि साहसिक खेलों के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां आने वाले पर्यटकों के लिए कई रोमांचक गतिविधियां उपलब्ध हैं। विशाल रेत के टीलों पर तेज रफ्तार विशेष वाहनों, जिन्हें ड्यून बग्गी कहा जाता है, की सवारी पर्यटकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण होती है। ऊंचे-नीचे टीलों पर तेज गति से दौड़ती ये गाड़ियां रोमांच का अनूठा अनुभव कराती हैं।


हुआकाचीना को दुनिया के श्रेष्ठ सैंडबोर्डिंग स्थलों में भी गिना जाता है। बर्फ पर स्कीइंग की तरह यहां पर्यटक विशेष बोर्ड की सहायता से रेत के ऊंचे टीलों से नीचे फिसलते हैं। यह खेल रोमांच पसंद लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय है। शाम के समय जब डूबते सूर्य की सुनहरी किरणें रेत के टीलों पर पड़ती हैं, तब पूरा क्षेत्र स्वर्णिम आभा से चमक उठता है। यही समय फोटोग्राफी और प्राकृतिक दृश्यावलोकन के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है।


हुआकाचीना केवल प्राकृतिक स्थल ही नहीं, बल्कि स्थानीय लोककथाओं का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां प्रचलित सबसे प्रसिद्ध किंवदंती के अनुसार बहुत समय पहले एक अत्यंत सुंदर राजकुमारी इस स्थान पर रहती थी। वह अपने प्रियजन की मृत्यु के दुख में इतना रोई कि उसके आंसुओं से यहां झील का निर्माण हो गया। एक अन्य कथा के अनुसार जब राजकुमारी ने किसी शिकारी को अपनी ओर आते देखा तो वह भागने लगी। उसके हाथ का दर्पण गिरकर झील में बदल गया और उसका वस्त्र चारों ओर फैली रेत के टीलों में परिवर्तित हो गया। कहा जाता है कि वह स्वयं जलपरी बनकर झील में विलीन हो गई। यही कारण है कि स्थानीय लोग इस झील को रहस्यमयी और पवित्र मानते हैं।


पर्यटन की बढ़ती लोकप्रियता के साथ हुआकाचीना के सामने पर्यावरण संरक्षण की चुनौती भी बढ़ी है। लगातार बढ़ते पर्यटकों, जलस्तर में कमी और रेगिस्तान के प्राकृतिक संतुलन पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए स्थानीय प्रशासन संरक्षण के विभिन्न उपाय कर रहा है। जल स्रोतों के संरक्षण, स्वच्छता बनाए रखने और नियंत्रित पर्यटन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस अद्भुत प्राकृतिक धरोहर का आनंद ले सके।


हुआकाचीना यह साबित करता है कि प्रकृति सबसे कठिन परिस्थितियों में भी जीवन का मार्ग खोज लेती है। चारों ओर फैले बंजर रेगिस्तान के बीच हरे-भरे पेड़, शांत झील और जीवंत गांव मानव और प्रकृति के सुंदर सहअस्तित्व का प्रेरक उदाहरण हैं। रोमांच, प्राकृतिक सौंदर्य, लोककथाओं और सांस्कृतिक आकर्षण का अद्भुत संगम हुआकाचीना को विश्व पर्यटन मानचित्र पर एक विशिष्ट पहचान दिलाता है। जो भी पर्यटक पेरू की यात्रा पर जाता है, उसके लिए यह अनोखा नखलिस्तान अवश्य देखने योग्य स्थलों की सूची में शामिल रहता है।


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