आधार केवल एक पहचान पत्र नहीं है, बल्कि नागरिकों के लिए सरकारी और निजी सेवाओं तक पहुंच का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। बैंक खाता खोलने से लेकर राशन, पेंशन, छात्रवृत्ति, आयुष्मान भारत, मोबाइल सिम, आयकर, पासपोर्ट और अनेक सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधार अनिवार्य दस्तावेज बन गया है। ऐसे में यदि आधार में कोई त्रुटि हो या उसमें संशोधन कराना हो, तो लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए बिहार सरकार ने राज्य में आधार सेवा केंद्रों का विस्तार करने का निर्णय लिया है।
राज्य सरकार की योजना के अनुसार, सितंबर तक बिहार के 15 जिलों में नए आधार सेवा केंद्र शुरू कर दिए जाएंगे। इन केंद्रों के खुलने से लोगों को आधार से जुड़ी सेवाओं के लिए दूसरे जिलों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी तथा आधार संबंधी कार्य अधिक सुगमता से पूरे हो सकेंगे। यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों और दूर-दराज के इलाकों के नागरिकों के लिए राहत लेकर आएगी, जहां अब तक आधार सेवाओं की उपलब्धता सीमित थी।
वर्तमान में राज्य के 17 जिलों में आधार सेवा केंद्र सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। इनमें पटना, भागलपुर, पूर्णिया, मुजफ्फरपुर, सहरसा, कटिहार, पूर्वी चंपारण, दरभंगा, नालंदा, समस्तीपुर, बेगूसराय, मधेपुरा, सुपौल, अररिया, भोजपुर, भभुआ (कैमूर) और बक्सर शामिल हैं। इन जिलों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आधार नामांकन, अपडेट और सुधार संबंधी कार्य कराने पहुंचते हैं।
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि अगले वर्ष तक बिहार के सभी जिलों में आधार सेवा केंद्र स्थापित कर दिए जाएं। फिलहाल शेखपुरा, शिवहर, अरवल, मुंगेर, लखीसराय और जहानाबाद जैसे जिलों में आधार सेवा केंद्र नहीं हैं। जिला प्रशासन की स्वीकृति मिलने के बाद इन जिलों में भी केंद्र खोले जाएंगे। इस कदम से राज्य के प्रत्येक नागरिक को अपने जिले में ही आधार संबंधी सेवाएं उपलब्ध हो सकेगी।
आधार सेवा केंद्रों पर आने वाले आवेदनों का विश्लेषण बताता है कि लगभग 80 प्रतिशत मामले जन्म तिथि (Date of Birth) में सुधार से जुड़े होते हैं। कई बार स्कूल प्रमाणपत्र, जन्म प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेजों में अंतर होने के कारण लोगों को भविष्य में विभिन्न सरकारी योजनाओं, नौकरी, बैंकिंग और शिक्षा से जुड़े कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसलिए नागरिकों में अब आधार की जानकारी को पूरी तरह सही और अद्यतन रखने के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है।
आधार सेवा केंद्रों पर नागरिकों को कई महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, जैसे- नया आधार नामांकन, आधार में नाम, पता और जन्म तिथि का सुधार, मोबाइल नंबर एवं ई-मेल अपडेट, बायोमेट्रिक अपडेट, बच्चों का आधार नामांकन, आधार की प्रिंट कॉपी एवं अन्य सहायता सेवाएं। इन सभी सेवाओं के लिए निर्धारित शुल्क और आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन किया जा सकता है।
बिहार सरकार लगातार डिजिटल सेवाओं का दायरा बढ़ाने पर कार्य कर रही है। आधार सेवा केंद्रों का विस्तार भी इसी दिशा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जब नागरिकों का आधार सही और अद्यतन होगा, तब सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से लाभार्थियों तक पहुंच सकेगा। इससे फर्जीवाड़े पर भी अंकुश लगेगा और सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी।
नए आधार सेवा केंद्र खुलने के बाद लोगों को लंबी दूरी तय करने, भीड़भाड़ वाले केंद्रों में घंटों इंतजार करने और अतिरिक्त खर्च उठाने की आवश्यकता काफी हद तक कम हो जाएगी। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगों और ग्रामीण नागरिकों के लिए यह सुविधा बेहद लाभकारी साबित होगी।
बिहार में आधार सेवा केंद्रों का विस्तार राज्य के डिजिटल प्रशासन को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। सितंबर तक 15 नए जिलों में केंद्र खुलने और अगले वर्ष सभी जिलों तक इस सुविधा के पहुंचने से लाखों नागरिकों को आधार संबंधी सेवाएं उनके अपने जिले में ही उपलब्ध हो सकेगी। इससे न केवल लोगों की परेशानियां कम होगी, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ भी अधिक प्रभावी और पारदर्शी ढंग से आम जनता तक पहुंच सकेगा।

