11 सितंबर को बैंक होगी हड़ताल - चार दिन तक सेवाओं पर असर पड़ने की है आशंका

Jitendra Kumar Sinha
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देशभर के बैंक ग्राहकों के लिए सितंबर के दूसरे सप्ताह में परेशानी बढ़ सकती है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने 11 सितंबर को देशव्यापी बैंक हड़ताल का ऐलान किया है। हड़ताल के ठीक बाद शनिवार और रविवार का साप्ताहिक अवकाश रहेगा। इसके बाद 14 सितंबर को कुछ राज्यों में स्थानीय अवकाश होने के कारण बैंकिंग सेवाएं कई इलाकों में लगातार प्रभावित हो सकती हैं। ऐसे में बैंक से जुड़े जरूरी काम करने वाले ग्राहकों को पहले से तैयारी करने की सलाह दी जा रही है।


11 सितंबर शुक्रवार को बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। इसके कारण बैंक शाखाओं में सामान्य कामकाज प्रभावित होने की संभावना है। हड़ताल के अगले दो दिन यानि 12 और 13 सितंबर को शनिवार-रविवार का अवकाश रहेगा। लगातार तीन दिनों तक शाखाओं में नियमित कामकाज बाधित रहने से ग्राहकों को नकद निकासी, जमा, चेक संबंधी काम और अन्य शाखा-आधारित सेवाओं के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। इसके बाद 14 सितंबर को कुछ राज्यों में बैंक अवकाश होने के कारण संबंधित क्षेत्रों में बैंक शाखाएं बंद रह सकती हैं। इस तरह कुछ स्थानों पर बैंकिंग सेवाओं पर चार दिनों तक असर पड़ने की स्थिति बन सकती है।


बैंक हड़ताल के दौरान सबसे ज्यादा असर उन ग्राहकों पर पड़ सकता है जिन्हें शाखा जाकर काम कराना जरूरी होता है। खाते से जुड़े दस्तावेज जमा करना, चेक संबंधी कार्य, बैंक ड्राफ्ट, नकद जमा या निकासी और अन्य शाखा-आधारित सेवाओं के लिए ग्राहकों को परेशानी हो सकती है। ऐसे में जिन लोगों को सितंबर के इस सप्ताह में बैंक से संबंधित कोई जरूरी काम है, वे उसे 11 सितंबर से पहले पूरा कर लेना बेहतर समझेंगे। विशेष रूप से कारोबारियों, पेंशनधारकों, छोटे व्यापारियों और ऐसे ग्राहकों को समय रहते अपने बैंकिंग कार्यों की योजना बनानी चाहिए।


बैंक शाखाओं के बंद रहने के बावजूद डिजिटल बैंकिंग सेवाएं ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बनी रहेंगी। इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई और एटीएम जैसी सेवाओं के माध्यम से कई सामान्य लेन-देन किए जा सकते हैं। हालांकि, किसी सेवा की उपलब्धता बैंक और तकनीकी व्यवस्था पर निर्भर कर सकती है। ग्राहकों को हड़ताल से पहले यह भी सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि उनके मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग की सुविधा सक्रिय है। जरूरत के अनुसार पर्याप्त नकदी की व्यवस्था पहले कर लेना भी उपयोगी हो सकता है, ताकि लगातार छुट्टियों के दौरान परेशानी न हो।


हड़ताल के दौरान एटीएम सामान्य रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हालांकि, यदि किसी क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग नकदी निकालने लगते हैं तो कुछ एटीएम में अस्थायी रूप से नकदी की कमी हो सकती है। इसलिए जरूरी नकदी की आवश्यकता वाले ग्राहकों को अंतिम समय तक इंतजार करने के बजाय पहले से व्यवस्था करना बेहतर होगा। ऑनलाइन भुगतान के बढ़ते इस्तेमाल के कारण रोजमर्रा के कई लेन-देन डिजिटल माध्यम से किए जा सकते हैं। फिर भी बड़े या जरूरी भुगतान करने वालों को लेन-देन की समय-सीमा और संबंधित बैंक की सेवाओं की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।


लगातार अवकाश और हड़ताल के बाद जब बैंक शाखाएं दोबारा खुलेंगी तो वहां ग्राहकों की भीड़ बढ़ सकती है। लंबित कामों की संख्या बढ़ने से सामान्य दिनों की तुलना में सेवा लेने में अधिक समय लग सकता है। इसलिए बहुत जरूरी नहीं होने पर ग्राहक बैंक खुलने के पहले दिन शाखा जाने से बच सकते हैं और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर सकते हैं।


बैंक हड़ताल को देखते हुए ग्राहकों के लिए सबसे जरूरी है कि वे अपने जरूरी बैंकिंग कार्यों की सूची पहले तैयार कर लें। जिन कामों के लिए शाखा जाना अनिवार्य है, उन्हें 11 सितंबर से पहले पूरा कर लेना समझदारी होगी। वहीं, ऑनलाइन बैंकिंग का इस्तेमाल करने वालों को अपने पासवर्ड, मोबाइल नंबर और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता पहले ही जांच लेनी चाहिए। कुल मिलाकर, 11 सितंबर की बैंक हड़ताल और उसके बाद आने वाले लगातार अवकाश के कारण देश के कई हिस्सों में बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ सकता है। हालांकि डिजिटल बैंकिंग के दौर में लेन-देन के कई विकल्प उपलब्ध हैं, फिर भी शाखा आधारित सेवाओं के लिए ग्राहकों को पहले से योजना बनानी होगी। समय रहते जरूरी काम निपटाकर और डिजिटल माध्यमों का विकल्प तैयार रखकर इस संभावित चार दिवसीय व्यवधान से होने वाली परेशानी को काफी हद तक कम किया जा सकता है।


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