गुजरात ने कारोबार और व्यापार के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए दुकानों, मॉल, होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 24 घंटे संचालित करने की अनुमति देने का रास्ता साफ कर दिया है। गुजरात विधानसभा ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल, 2026’ को बहुमत से पारित कर दिया। इस कानून के लागू होने के बाद राज्य में व्यापारिक गतिविधियों को समय की पाबंदियों से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। इस फैसले को गुजरात में कारोबारी माहौल को और अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य व्यापारियों, ग्राहकों और सेवा क्षेत्र को अधिक लचीला वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि बदलती जरूरतों के अनुरूप कारोबार को संचालित किया जा सके।
नए प्रावधान के तहत गुजरात शॉप्स एंड एस्टाब्लिशमेंट्स एक्ट में संशोधन किया गया है। इसके माध्यम से पात्र दुकानों, मॉल, होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को दिन-रात यानी 24 घंटे खुले रखने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि कर्मचारियों से लगातार काम कराया जा सकेगा। प्रतिष्ठानों को कर्मचारियों के काम के घंटे, साप्ताहिक अवकाश, सुरक्षा, वेतन और अन्य निर्धारित श्रम नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। यानि सरकार ने कारोबार के समय में लचीलापन देने के साथ-साथ श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा का भी प्रावधान बरकरार रखा है। इससे व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार और कर्मचारियों के हितों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश दिखाई देती है।
24 घंटे कारोबार की अनुमति मिलने से गुजरात में नाइट इकोनॉमी को बढ़ावा मिलने की संभावना है। महानगरों और बड़े शहरों में बड़ी संख्या में लोग देर रात तक खरीदारी, खान-पान और मनोरंजन से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं। ऐसे में दुकानों, मॉल और होटल के लंबे समय तक खुले रहने से उपभोक्ताओं को अतिरिक्त सुविधा मिल सकती है। रात में काम करने वाले कर्मचारियों, यात्रियों, पर्यटकों और देर से खरीदारी करने वाले ग्राहकों के लिए भी यह व्यवस्था उपयोगी साबित हो सकती है। होटल, रेस्तरां, शॉपिंग सेंटर और अन्य सेवा क्षेत्रों में कारोबार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
इस फैसले का प्रभाव केवल बड़े मॉल और कॉरपोरेट प्रतिष्ठानों तक सीमित रहने की उम्मीद नहीं है। छोटे दुकानदार और सेवा क्षेत्र से जुड़े कारोबारी भी अपनी व्यावसायिक जरूरत और बाजार की मांग के अनुसार संचालन का समय तय कर सकेंगे। हालांकि, 24 घंटे दुकान खोलना किसी भी कारोबारी के लिए अनिवार्य नहीं होगा। इसका लाभ वही प्रतिष्ठान उठाएंगे जिन्हें देर रात या पूरे दिन कारोबार करने में आर्थिक फायदा दिखाई देगा। इससे बाजार में मांग के अनुसार व्यापारिक समय तय करने की स्वतंत्रता बढ़ेगी।
‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल, 2026’ नाम से ही स्पष्ट है कि सरकार कारोबार को आसान बनाने और निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने पर जोर दे रही है। व्यापारिक प्रतिष्ठानों को अधिक समय तक संचालन की अनुमति मिलने से सेवा क्षेत्र में निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है। खासकर पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी, रिटेल, मनोरंजन और शहरी सेवाओं के क्षेत्र में इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। अधिक समय तक कारोबार होने से रोजगार के अतिरिक्त अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
हालांकि 24 घंटे कारोबार की अनुमति के साथ सबसे बड़ी चुनौती कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा की होगी। यदि कोई प्रतिष्ठान रात में भी संचालित होता है तो वहां काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सुरक्षित कार्यस्थल, निर्धारित काम के घंटे, पर्याप्त विश्राम और साप्ताहिक अवकाश जैसे प्रावधानों का पालन आवश्यक होगा। सरकार के लिए यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होगा कि कारोबार की स्वतंत्रता का लाभ कर्मचारियों के शोषण का कारण न बने। कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी की भूमिका इसलिए बेहद अहम होगी।
गुजरात पहले से ही उद्योग और निवेश के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में गिना जाता है। ऐसे में 24 घंटे व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति देने वाला यह कदम राज्य की ‘बिजनेस फ्रेंडली’ छवि को और मजबूत कर सकता है। कुल मिलाकर, ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल, 2026’ गुजरात के बाजार को अधिक लचीला और गतिशील बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। यदि श्रम नियमों और सुरक्षा मानकों का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया गया, तो यह व्यवस्था व्यापार, रोजगार, पर्यटन और सेवा क्षेत्र के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकती है।

