‘हनुमान अंश’ हुई उत्तराखंड में टैक्स फ्री

Jitendra Kumar Sinha
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बाबा नीब करौरी महाराज के आध्यात्मिक जीवन और उनके व्यक्तित्व से प्रेरित फिल्म ‘हनुमान अंश’ को उत्तराखंड सरकार ने राज्य में कर-मुक्त करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार शाम फिल्म देखी और इसके बाद इसे उत्तराखंड में टैक्स फ्री करने का निर्णय सार्वजनिक किया। सरकार के इस फैसले से फिल्म के निर्माताओं और इससे जुड़े कलाकारों में उत्साह है।


‘हनुमान अंश’ बाबा नीब करौरी महाराज के आध्यात्मिक जीवन, उनके विचारों और समाज के प्रति उनके संदेशों से प्रेरित फिल्म है। बाबा नीब करौरी महाराज को देश-विदेश में उनके आध्यात्मिक प्रभाव और भक्तों के बीच विशेष श्रद्धा के लिए जाना जाता है। उत्तराखंड के नैनीताल जिले के कैंची धाम से उनका नाम विशेष रूप से जुड़ा हुआ है। फिल्म के माध्यम से उनके जीवन के आध्यात्मिक पक्ष, मानवीय मूल्यों और सेवा की भावना को दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। ऐसे में फिल्म को उत्तराखंड में कर-मुक्त किए जाने को राज्य की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार शाम ‘हनुमान अंश’ फिल्म देखी। फिल्म देखने के बाद उन्होंने इसकी विषयवस्तु और आध्यात्मिक संदेश की सराहना की। मुख्यमंत्री की ओर से फिल्म को उत्तराखंड में टैक्स फ्री करने की घोषणा के बाद इसे लेकर लोगों की रुचि भी बढ़ने की उम्मीद है। राज्य सरकार का यह कदम उन फिल्मों को प्रोत्साहन देने की नीति का हिस्सा माना जा सकता है, जो भारतीय संस्कृति, अध्यात्म, महापुरुषों और समाज को सकारात्मक संदेश देने वाली कहानियों को सामने लाती है।


किसी फिल्म को टैक्स फ्री किए जाने का सीधा असर दर्शकों पर पड़ सकता है। मनोरंजन कर में छूट मिलने से टिकट की कीमत में कमी की संभावना रहती है, जिससे अधिक लोग फिल्म देखने के लिए आकर्षित हो सकते हैं। खासकर ऐसी फिल्में, जिनका विषय धार्मिक, आध्यात्मिक या सांस्कृतिक महत्व से जुड़ा हो, उनके लिए टैक्स फ्री का दर्जा दर्शकों तक पहुंच बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है। ‘हनुमान अंश’ के मामले में यह निर्णय इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि फिल्म का संबंध उत्तराखंड की आध्यात्मिक पहचान से जुड़े एक अत्यंत श्रद्धेय संत से है। बाबा नीब करौरी महाराज के भक्त देश के अलग-अलग हिस्सों के अलावा विदेशों में भी है।


उत्तराखंड आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच कैंची धाम का विशेष महत्व है। बाबा नीब करौरी महाराज से जुड़ा यह स्थान लंबे समय से आध्यात्मिक आस्था का केंद्र रहा है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। ऐसे में बाबा के जीवन और आध्यात्मिक विचारों पर आधारित फिल्म के माध्यम से उत्तराखंड की इस विरासत को व्यापक स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद की जा रही है। फिल्म धार्मिक आस्था के साथ-साथ सेवा, प्रेम, मानवता और आध्यात्मिक चेतना जैसे मूल्यों को भी दर्शकों तक पहुंचाने का माध्यम बन सकती है।


आज के दौर में सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रह गया है। फिल्मों के जरिये इतिहास, संस्कृति, आध्यात्मिकता और सामाजिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास भी किया जाता है। ‘हनुमान अंश’ इसी दिशा में एक प्रयास के रूप में देखी जा रही है। बाबा नीब करौरी महाराज का जीवन सादगी, सेवा और आध्यात्मिक चिंतन से जुड़ा रहा। उनके अनुयायी उनके संदेशों को जीवन में अपनाने को प्रेरणा का स्रोत मानते हैं। फिल्म के जरिये उनके व्यक्तित्व के इन पहलुओं को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत किया गया है।


फिल्म को कर-मुक्त करने की घोषणा से ‘हनुमान अंश’ को उत्तराखंड में दर्शकों का व्यापक समर्थन मिलने की उम्मीद है। साथ ही यह निर्णय फिल्म निर्माताओं के लिए भी उत्साह बढ़ाने वाला है। आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विषयों पर बनने वाली फिल्मों को सरकारी स्तर पर मिलने वाला ऐसा प्रोत्साहन भविष्य में इस तरह की कहानियों को बड़े पर्दे पर लाने के लिए निर्माताओं को प्रेरित कर सकता है। कुल मिलाकर, ‘हनुमान अंश’ का उत्तराखंड में टैक्स फ्री होना केवल एक फिल्म को आर्थिक राहत देने का फैसला नहीं, बल्कि राज्य की आध्यात्मिक विरासत और बाबा नीब करौरी महाराज से जुड़ी आस्था को सम्मान देने की पहल के रूप में भी देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा स्वयं फिल्म देखने और इसके बाद कर-मुक्त करने की घोषणा ने इस फिल्म को लेकर लोगों की उत्सुकता और बढ़ा दी है।


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