भारतीय सिनेमा की बहुप्रतीक्षित फिल्मों में शामिल दो भागों वाली फिल्म ‘रामायण’ को लेकर दर्शकों का इंतजार अब धीरे-धीरे खत्म होने लगा है। फिल्म के निर्माताओं ने सोमवार को इसका पहला गीत ‘जय जय राम’ जारी कर दिया है। गीत के सामने आते ही फिल्म की भव्यता, आध्यात्मिक भावभूमि और संगीत को लेकर चर्चा तेज हो गयी है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम और साई पल्लवी माता सीता की भूमिका में नजर आएंगी।
‘जय जय राम’ को केवल एक फिल्मी गीत के रूप में नहीं, बल्कि भक्ति, प्रार्थना और भावनात्मक अनुभूति के सिनेमाई विस्तार के तौर पर प्रस्तुत किया गया है। गीत में पारंपरिक आरती और भक्ति की आत्मीयता को आधुनिक सिनेमाई संगीत की भव्यता के साथ जोड़ने का प्रयास किया गया है। इस गीत को संगीतकार ए.आर. रहमान ने संगीतबद्ध किया है। इसे अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल ने अपनी आवाज दी है, जबकि गीत के बोल कुमार विश्वास ने लिखे हैं। इन चारों नामों का एक साथ आना अपने आप में गीत के प्रति दर्शकों की उत्सुकता बढ़ाने वाला है।
संगीतकार ए.आर. रहमान के अनुसार, इस गीत को तैयार करते समय उनकी कोशिश प्रार्थना की पवित्रता और आत्मीयता को बनाए रखने की रही। साथ ही उन्होंने इसकी भावनात्मक गहराई को एक सिनेमाई गीत के रूप में विस्तार देने का प्रयास किया। रहमान की संगीत शैली में भारतीय आध्यात्मिकता और आधुनिक ध्वनि का मेल पहले भी देखने को मिलता रहा है। ‘जय जय राम’ में भी इसी तरह का भाव दिखाई देता है। गीत का उद्देश्य केवल मनोरंजन करना नहीं, बल्कि दर्शकों को कथा के आध्यात्मिक संसार से जोड़ना भी है।
निर्माताओं के अनुसार, भावपूर्ण भक्ति गीत ‘जय जय राम’ में आरती की आध्यात्मिकता को सिनेमाई संगीत के साथ जोड़ा गया है। गीत की शुरुआत राम और सीता के विवाह के दृश्य से होती है। दृश्य में अयोध्या को उत्सव और उल्लास से भरा हुआ दिखाया गया है। राम और सीता के विवाह के अवसर पर नगरवासी आनंदित नजर आते हैं और दोनों पर फूलों की पंखुड़ियां बरसाते दिखाई देते हैं। यह दृश्य राम और सीता के दांपत्य जीवन की शुरुआत के साथ-साथ अयोध्या की सामूहिक प्रसन्नता को भी रेखांकित करता है।
फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि साई पल्लवी सीता के चरित्र में नजर आएंगी। दोनों कलाकारों को लेकर पहले से ही दर्शकों में काफी उत्सुकता है। ‘जय जय राम’ के माध्यम से पहली बार फिल्म की भावनात्मक और आध्यात्मिक दुनिया की एक झलक सामने आयी है। भगवान राम और माता सीता भारतीय जनमानस में केवल धार्मिक चरित्र नहीं, बल्कि मर्यादा, त्याग, प्रेम, कर्तव्य और आदर्श जीवन-मूल्यों के प्रतीक माने जाते हैं। ऐसे में इन पात्रों को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करना निर्माताओं के लिए भी बड़ी जिम्मेदारी है।
गीत के बोल कुमार विश्वास ने लिखे हैं। रामकथा और भारतीय सांस्कृतिक परंपरा से जुड़े भावों को गीत के माध्यम से व्यक्त करने की कोशिश की गयी है। वहीं अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल की आवाज ने गीत को भावनात्मक गहराई देने का काम किया है। दोनों गायकों की अलग-अलग गायन शैलियां गीत में एक विशेष वातावरण तैयार करती हैं। यही कारण है कि ‘जय जय राम’ को फिल्म के संगीत सफर की महत्वपूर्ण शुरुआत माना जा रहा है।
भारतीय सिनेमा में रामकथा को लेकर दर्शकों की रुचि हमेशा रही है। टेलीविजन से लेकर फिल्मों तक भगवान राम की कथा के अलग-अलग रूप दर्शकों के सामने आते रहे हैं। अब आधुनिक तकनीक, विशाल सेट और बड़े कलाकारों के साथ तैयार हो रही ‘रामायण’ से भी दर्शकों को काफी उम्मीदें हैं। ‘जय जय राम’ ने फिल्म की कहानी की पूरी तस्वीर तो सामने नहीं रखी है, लेकिन इसने इतना जरूर संकेत दिया है कि फिल्म में भक्ति, भावना और दृश्यात्मक भव्यता को प्रमुख स्थान दिया गया है। राम-सीता विवाह के मंगलमय दृश्य से शुरू होने वाला यह गीत फिल्म की आध्यात्मिक यात्रा का पहला पड़ाव है। अब दर्शकों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ‘रामायण’ की आगे की झलकियां और गीत किस तरह रामकथा के विभिन्न प्रसंगों को बड़े पर्दे पर जीवंत करते हैं।

