बिहार के व्यापार और उद्योग जगत के लिए गौरव का अवसर आने वाला है। बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के शताब्दी वर्ष के अवसर पर डाक विभाग की ओर से पांच रुपये का विशेष डाक टिकट जारी किया जाएगा। डाक निदेशालय द्वारा जारी किए जाने वाले इस टिकट के माध्यम से चैंबर की सौ वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा, व्यावसायिक गतिविधियों और औद्योगिक विकास में उसके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। शताब्दी समारोह के दौरान केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया इस विशेष डाक टिकट का विमोचन करेंगे। यह विशेष डाक टिकट केवल एक डाक सामग्री नहीं, बल्कि बिहार के व्यापारिक इतिहास, उद्यमशीलता और औद्योगिक विकास की यात्रा का प्रतीक भी होगा। देशभर के डाकघरों में इसकी उपलब्धता से बिहार चैंबर की ऐतिहासिक भूमिका को व्यापक पहचान मिलने की उम्मीद है। संस्था के शताब्दी वर्ष में इस तरह का सम्मान उसके लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
विशेष डाक टिकटों का अपना अलग ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व होता है। डाक टिकटों के माध्यम से देश की महत्वपूर्ण घटनाओं, महान व्यक्तित्वों, ऐतिहासिक संस्थाओं और उपलब्धियों को राष्ट्रीय पटल पर स्थान दिया जाता है। ऐसे में बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के शताब्दी वर्ष पर पांच रुपये का विशेष टिकट जारी किया जाना संस्था की लंबी यात्रा को सम्मानित करने की दिशा में अहम कदम है। इस टिकट के जरिए बिहार के व्यापार और उद्योग जगत की उस विरासत को सामने लाने का अवसर मिलेगा, जिसने राज्य की आर्थिक गतिविधियों को गति देने में अपनी भूमिका निभाई है। यह टिकट आने वाली पीढ़ियों को भी संस्था के इतिहास और उसके योगदान से परिचित कराने का माध्यम बन सकता है। देशभर के डाकघरों में इसकी उपलब्धता के कारण बिहार से बाहर रहने वाले व्यापारी, उद्यमी और डाक टिकट संग्रहकर्ता भी इसे प्राप्त कर सकेंगे। इससे बिहार चैंबर की पहचान राज्य की सीमाओं से आगे राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचेगी।
बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की सौ वर्षों की यात्रा राज्य में व्यापारिक गतिविधियों और औद्योगिक विकास के बदलते दौर से जुड़ी हुई है। किसी भी राज्य की आर्थिक प्रगति में व्यापारिक संगठनों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ये संगठन कारोबारियों और उद्यमियों की समस्याओं को सामने लाने, व्यावसायिक हितों की रक्षा करने तथा उद्योग और व्यापार के अनुकूल वातावरण बनाने में सहयोग करते हैं। बिहार जैसे राज्य में व्यापार और उद्योग की संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे संस्थागत मंचों का महत्व और भी बढ़ जाता है। समय के साथ बाजार की जरूरतें बदली हैं, कारोबार के तरीके बदले हैं और तकनीक ने व्यावसायिक गतिविधियों को नया स्वरूप दिया है। इन बदलावों के बीच व्यापारिक संस्थाओं की जिम्मेदारी भी बढ़ी है। चैंबर का शताब्दी वर्ष इस बात का अवसर है कि उसकी ऐतिहासिक यात्रा, उपलब्धियों और राज्य के आर्थिक विकास में निभाई गई भूमिका पर चर्चा हो। विशेष डाक टिकट इस यात्रा को स्मरणीय बनाने के साथ संस्था की विरासत को संरक्षित करने का माध्यम भी बनेगा।
बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के इतिहास में विशेष डाक टिकट जारी होने का यह पहला अवसर नहीं है। इससे पहले संस्था के प्लेटिनम जुबली वर्ष के अवसर पर 28 अक्टूबर 2002 को डाक विभाग ने विशेष डाक टिकट जारी किया था। प्लेटिनम जुबली के अवसर पर मिला यह सम्मान संस्था की ऐतिहासिक यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव था। अब शताब्दी वर्ष में एक बार फिर विशेष डाक टिकट जारी होने जा रहा है। इस तरह संस्था को अपने 75 वर्षों के पड़ाव के बाद सौ वर्षों की यात्रा पर भी डाक विभाग के माध्यम से सम्मान प्राप्त होगा। दोनों अवसरों के बीच लगभग 24 वर्षों का अंतर है। इस दौरान देश की अर्थव्यवस्था, व्यापारिक व्यवस्था और औद्योगिक परिदृश्य में व्यापक बदलाव आए हैं। ऐसे समय में शताब्दी वर्ष का विशेष टिकट संस्था के अतीत को याद करने के साथ भविष्य की संभावनाओं पर विचार करने का अवसर भी प्रदान करेगा।
डाक टिकट संग्रह करने वाले लोगों के लिए विशेष टिकटों का महत्व केवल उनके अंकित मूल्य तक सीमित नहीं रहता। वे इतिहास, संस्कृति और संस्थागत उपलब्धियों के दस्तावेज के रूप में भी देखे जाते हैं। इस दृष्टि से बिहार चैंबर के शताब्दी वर्ष का टिकट संग्रहकर्ताओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन सकता है। यह टिकट बिहार के व्यापारिक इतिहास को देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने में मदद करेगा। इसके माध्यम से राज्य की आर्थिक यात्रा और उद्यमशीलता की परंपरा को व्यापक मंच मिल सकता है। शताब्दी वर्ष किसी भी संस्था के लिए केवल अतीत की उपलब्धियों का उत्सव नहीं होता, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने का भी अवसर होता है। बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के लिए भी यह समय अपनी विरासत को आगे बढ़ाने, नए उद्यमियों को प्रोत्साहित करने और राज्य में व्यापार तथा उद्योग के विकास की संभावनाओं को मजबूत करने के संकल्प का है। कुल मिलाकर, पांच रुपये का यह विशेष डाक टिकट मूल्य में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की सौ वर्षों की यात्रा और व्यावसायिक विरासत का महत्व जुड़ा है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा शताब्दी समारोह में इसका विमोचन संस्था के लिए एक यादगार उपलब्धि होगी। यह सम्मान बिहार के व्यापारिक इतिहास को राष्ट्रीय पहचान देने के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए उसकी विरासत को संजोने का भी माध्यम बनेगा।

