नशे के खिलाफ सामाजिक जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राजधानी पटना में 6 दिसंबर को भव्य मैराथन दौड़ का आयोजन किया जाएगा। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की ओर से आयोजित इस मैराथन की थीम 'नशामुक्त बिहार-ड्रग फ्री बिहार' रखी गई है। इसके माध्यम से राज्य सरकार युवाओं, खिलाड़ियों और आम नागरिकों को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ समाज के निर्माण में भागीदार बनने का संदेश देगी। प्रतियोगिता के विजेताओं के बीच कुल 35 लाख रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की जाएगी।
बिहार में नशामुक्ति को लेकर चलाए जा रहे अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से इस मैराथन का आयोजन किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि नशे की समस्या केवल कानून-व्यवस्था या प्रशासन से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह समाज, परिवार और युवाओं के भविष्य से भी जुड़ी हुई है। ऐसे में खेल और शारीरिक गतिविधियों के माध्यम से लोगों को जागरूक करना एक प्रभावी पहल हो सकती है।
मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री मदन सहनी ने कहा कि सरकार बिहार को पूरी तरह नशामुक्त बनाने के लिए हर स्तर पर काम कर रही है। इस दिशा में जागरूकता, जनभागीदारी और सामाजिक सहयोग को विशेष महत्व दिया जा रहा है। मैराथन के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया जाएगा कि नशे से दूरी और खेलों से दोस्ती ही स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन का आधार है।
प्रतियोगिता को प्रतिभागियों की क्षमता और तैयारी के अनुसार चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इसमें पेशेवर धावकों से लेकर सामान्य फिटनेस प्रेमियों तक को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा। चार श्रेणियां हैं-
फुल मैराथन: 42.2 किलोमीटर
हाफ मैराथन: 21.1 किलोमीटर
10 किलोमीटर दौड़: मध्यम दूरी के धावकों के लिए
5 किलोमीटर दौड़: शुरुआती प्रतिभागियों और आम नागरिकों के लिए
इन अलग-अलग श्रेणियों के निर्धारण से अधिक से अधिक लोगों को प्रतियोगिता में शामिल होने का अवसर मिलेगा। खासकर युवाओं, विद्यार्थियों, खेल प्रेमियों और फिटनेस के प्रति जागरूक नागरिकों की भागीदारी इस आयोजन को व्यापक स्वरूप दे सकती है।
मैराथन की शुरुआत राजधानी के ऐतिहासिक गांधी मैदान से होगी। धावक यहां से अपनी निर्धारित दूरी के अनुसार दौड़ शुरू करेंगे। प्रस्तावित मार्ग में जेपी गंगा पथ और अटल पथ को शामिल किया गया है। विभिन्न मार्गों से गुजरने के बाद दौड़ का समापन पुनः गांधी मैदान में ही होगा।
पटना की प्रमुख सड़कों और आकर्षक मार्गों से गुजरने वाली यह मैराथन शहर में खेल और स्वास्थ्य के प्रति उत्साह का वातावरण तैयार करेगी। आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में प्रतिभागियों और खेल प्रेमियों के जुटने की संभावना है।
मैराथन में भाग लेने के इच्छुक लोगों के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्रतिभागी निर्धारित वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके अलावा 9117700024 नंबर पर कॉल करके भी पंजीकरण संबंधी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
चारों श्रेणियों के लिए पंजीकरण शुल्क अलग-अलग निर्धारित किया गया है। फुल मैराथन के लिए 1200 रुपये, हाफ मैराथन के लिए 850 रुपये, 10 किलोमीटर दौड़ के लिए 550 रुपये और 5 किलोमीटर दौड़ के लिए 450 रुपये शुल्क देना होगा। पंजीकरण के लिए निर्धारित शुल्क के अनुसार प्रतिभागी अपनी सुविधा और शारीरिक क्षमता के अनुरूप श्रेणी का चयन कर सकते हैं।
इस आयोजन का एक प्रमुख आकर्षण विजेताओं को दी जाने वाली 35 लाख रुपये की कुल पुरस्कार राशि है। इससे प्रतियोगिता में अनुभवी धावकों और उभरती प्रतिभाओं की भागीदारी को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। हालांकि पुरस्कार राशि का श्रेणीवार विवरण आयोजकों से प्राप्त जानकारी के अनुसार देखा जाना चाहिए।
पटना में आयोजित होने वाली यह मैराथन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता का भी महत्वपूर्ण मंच बन सकती है। नशे की लत से युवाओं को बचाना, उन्हें खेलों के प्रति आकर्षित करना और समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना आज की बड़ी जरूरत है।
यदि इस आयोजन में स्कूल-कॉलेजों के विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों, खेल संस्थाओं और आम नागरिकों की व्यापक भागीदारी होती है, तो इसका संदेश राज्य के दूसरे जिलों तक भी पहुंचेगा। स्वस्थ शरीर, अनुशासित जीवन और नशामुक्त समाज का संकल्प लेकर 6 दिसंबर को पटना की सड़कों पर दौड़ने वाले प्रतिभागी बिहार के उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद को भी मजबूती देंगे।

