दिल्ली सरकार ने निजी स्कूलों की फीस वृद्धि पर लगाम लगाने के लिए एक अहम कदम उठाया है। अब, सरकारी जमीन पर बने मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को फीस बढ़ाने से पहले शिक्षा निदेशालय (DoE) से पूर्व अनुमति लेनी होगी।
नए आदेश के प्रमुख बिंदु:
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पूर्व अनुमति अनिवार्य: दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) से जमीन प्राप्त करने वाले निजी स्कूलों को फीस बढ़ाने से पहले शिक्षा निदेशालय से अनुमति लेनी होगी।
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ऑनलाइन आवेदन: स्कूलों को 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2024 के बीच ऑनलाइन आवेदन करना होगा। अधूरी जानकारी वाले प्रस्ताव खारिज कर दिए जाएंगे।
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कानूनी कार्रवाई की चेतावनी: बिना अनुमति के फीस बढ़ाने वाले स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक प्रतिक्रिया:
मुख्यमंत्री ने कहा, "शिक्षा का व्यवसायीकरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट ने शिक्षा निदेशालय के आदेश पर रोक लगा दी है, जिससे स्थिति जटिल हो गई है। अदालत ने कहा कि निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों को फीस बढ़ाने से पहले पूर्व अनुमोदन लेने की आवश्यकता नहीं है, जब तक कि वे मुनाफाखोरी या शिक्षा के व्यावसायीकरण में शामिल नहीं होते हैं।
दिल्ली सरकार का यह कदम शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। हालांकि, अदालत के आदेश के बाद स्थिति स्पष्ट नहीं है। अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने बच्चों के स्कूलों से फीस संरचना के बारे में जानकारी प्राप्त करें और किसी भी अनियमितता की स्थिति में संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें।
