राजधानी दिल्ली में आज सुबह एक बड़ी हलचल देखने को मिली जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अचानक मिलने पहुंचे। इस विशेष बैठक में एक "रहस्यमयी लाल फाइल" भी देखी गई, जिसने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का तूफ़ान खड़ा कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, यह बैठक बेहद गोपनीय रही और इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में कोई बड़ा निर्णय या ऐलान हो सकता है।
इसी बीच, पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले को लेकर भारत सरकार ने अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ, इटली, क़तर, जापान, चीन, रूस, जर्मनी और फ्रांस के शीर्ष राजनयिकों को तलब किया है। विदेश मंत्रालय मुख्यालय में इन सभी देशों को इस हमले की जानकारी दी जाएगी और भारत की स्थिति से अवगत कराया जाएगा।
पुलवामा के बाद यह हमला सबसे गंभीर माना जा रहा है और केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया से यह साफ है कि अब कोई कड़ा कदम उठाया जा सकता है। रहस्यमयी ‘लाल फाइल’ के सामने आने से सियासी हलकों में भी गहमागहमी बढ़ गई है।
देशभर की नजर अब राष्ट्रपति भवन और विदेश मंत्रालय की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
