यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पटना जंक्शन के समीप टाटा पार्क ऑटो स्टैंड से प्रीपेड ऑटो सेवा की शुरुआत एक बार फिर से कर दी गई है। वर्षों बाद इस व्यवस्था के पुनः शुरू होने से आम लोगों, विशेषकर ट्रेन से आने-जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिली है।
वर्ष 2018-19 में दूध मार्केट के ध्वस्त होने के बाद टाटा पार्क स्थित प्रीपेड ऑटो सेवा को बंद कर दिया गया था। इससे पटना जंक्शन से बाहर निकलने के बाद यात्रियों को मनमाने किराये, दलालों और असंगठित ऑटो चालकों के जाल में फंसना पड़ता था। न तो किराये का कोई मापदंड था, न ही ऑटो की उपलब्धता सुनिश्चित होती थी। ऐसे में यात्रियों को काफी असुविधा होती थी।
शुक्रवार को इस सेवा के औपचारिक उद्घाटन के साथ ही टाटा पार्क में एक आधुनिक प्रीपेड बूथ की स्थापना की गई है। इस बूथ से यात्री अब बिना किसी झंझट के तय दर पर ऑटो बुक कर सकेंगे। उद्घाटन समारोह में ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन के महासचिव राज कुमार झा और ऑटो संघ के अध्यक्ष पप्पू यादव समेत कई पदाधिकारी उपस्थित थे। पप्पू यादव ने बताया कि टाटा पार्क में प्रीपेड ऑटो बूथ की शुरुआत सबसे पहले वर्ष 2010 में दूध मार्केट के पास किया गया था। लेकिन स्टेशन के पुनर्विकास कार्य और दूध मार्केट के टूटने के कारण यह व्यवस्था बाधित हो गई थी।
नई व्यवस्था के तहत अब 400 रिजर्व ऑटो को परिचालन में लाया जाएगा जो 24 घंटे यात्रियों के लिए उपलब्ध रहेंगे। पहले ही दिन 200 से अधिक यात्रियों ने इस प्रीपेड बूथ से ऑटो बुक करके यात्रा किया, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि लोगों को इसकी कितनी आवश्यकता थी।
इस प्रीपेड सेवा को सफल बनाने में RTA चेयरमैन और यातायात पुलिस, पटना की भी सक्रिय भूमिका रही है। यात्रियों की सुरक्षा, पारदर्शिता और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए सिस्टम को डिजिटल और आसान बनाया गया है।
अब पटना जंक्शन से बाहर निकलने पर यात्रियों को कोई भी मनमाना किराया नहीं वसूल सकेगा। प्रीपेड काउंटर से तय रेट पर बुकिंग होगी और ड्राइवर को वही किराया देना होगा जो रसीद पर अंकित रहेगा। इससे खासकर बाहर से आने वाले यात्रियों और वरिष्ठ नागरिकों को काफी राहत मिलेगा।
पटनावासियों और यात्रियों के लिए यह एक सकारात्मक बदलाव है। एक लंबे इंतजार के बाद फिर से पटना जंक्शन के टाटा पार्क से शुरू हुई प्रीपेड ऑटो सेवा ने शहर के पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को एक नई दिशा दी है। उम्मीद किया जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस व्यवस्था का विस्तार अन्य रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंडों तक भी होगा।
