जब भी किसी पाठक या पर्यटक से पूछा जाए कि दुनिया का सबसे सुंदर पुस्तकालय कौन-सा है, तो पुर्तगाल के पोर्टो शहर में स्थित “लिव्रारिया लेलो ई इरमाओ” (Livraria Lello e Irmão) का नाम बड़े गर्व से लिया जाता है। यह केवल एक पुस्तकालय नहीं है, बल्कि वास्तुकला, इतिहास और रंगों की जादुई यात्रा है। इसकी सबसे चर्चित और दिल को छू लेने वाली विशेषता है, इसकी खूबसूरत गहरे लाल रंग की सीढ़ियाँ, जो इसे दुनिया के सबसे रोमांटिक और विशिष्ट पुस्तकालयों में शुमार करती हैं।
इस पुस्तकालय का निर्माण 1906 में हुआ था। इसे एंटोनियो लेलो और जोस लेलो नामक दो भाइयों ने मिलकर शुरू किया था, जिनका उद्देश्य सिर्फ किताबों की बिक्री नहीं था, बल्कि उन्हें एक ऐसी जगह बनाना था जहाँ साहित्य प्रेमी आत्मा की तृप्ति कर सके। इसे “लेलो ब्रदर्स बुकस्टोर” के नाम से भी जाना जाता है।
इसकी सीढ़ियाँ लकड़ी से बनी हुई हैं और एक अनोखी डबल हेलिक्स डिज़ाइन में घुमावदार तरीके से ऊपर चढ़ती हैं। यह सीढ़ियाँ जैसे ही पुस्तकालय के मुख्य द्वार से प्रवेश करते ही सामने आती हैं, और प्रथम दृष्टि में ही दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देती हैं।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि इन सीढ़ियों का गहरा लाल रंग एक निर्माण त्रुटि का परिणाम था। 1993 में मरम्मत के दौरान रंग-रोगन के समय गलती से सीढ़ियों को लाल रंग से रंग दिया गया। लेकिन इस अनजाने प्रयोग ने जो दृश्यात्मक सौंदर्य रच दिया, वह इतना अद्भुत था कि पुस्तकालय प्रबंधन ने इस रंग को स्थायी रूप से अपना लिया।
यह रंग आज इस इमारत की पहचान बन चुका है। लाल रंग न केवल इसकी वास्तुशिल्पीय भव्यता को बढ़ाता है, बल्कि किताबों के संसार में प्रवेश करने वाले हर पाठक को एक अलग ही भावनात्मक यात्रा पर ले जाता है।
यह पुस्तकालय इसलिए भी खास है क्योंकि 'हैरी पॉटर' की लेखिका जे.के. रोलिंग जब पुर्तगाल में अंग्रेजी पढ़ाया करती थी, तो वह इस पुस्तकालय में अक्सर आया करती थी। कहा जाता है कि हैरी पॉटर श्रृंखला में दर्शाई गई हॉगवर्ट्स की सीढ़ियाँ और पुस्तकालय इसी जगह से प्रेरित है।
आज “लिव्रारिया लेलो ई इरमाओ” केवल एक पुस्तकालय नहीं है बल्कि एक पर्यटन स्थल बन चुका है। हजारों लोग हर दिन इस ऐतिहासिक धरोहर को देखने आते हैं। इसके भीतर की सना हुआ कांच, नक्काशीदार लकड़ी, और आर्ट नूवो शैली की सजावट हर कला प्रेमी का दिल जीत लेती है।
पुर्तगाल की यह धरोहर न केवल किताबों का घर है, बल्कि वह स्थान है जहाँ एक गलती से सौंदर्य की नई परिभाषा गढ़ी गई। इसकी लाल सीढ़ियाँ न केवल पाठकों को ऊपरी मंज़िल पर ले जाती हैं, बल्कि उन्हें कल्पना की ऊँचाइयों तक भी पहुंचाती हैं। यह स्थान यह सिखाता है कि कला और सौंदर्य कभी-कभी त्रुटियों से भी जन्म ले सकता है, और यही तो जीवन की सबसे सुंदर बात है।
