भारत सरकार ने देश की टेक्सटाइल इंडस्ट्री को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए “पीएम मित्र” (PM MITRA – Mega Integrated Textile Region and Apparel) पार्क योजना की घोषणा की थी। इस योजना का उद्देश्य टेक्सटाइल क्षेत्र को आधुनिक तकनीक, विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे और बड़े पैमाने पर निवेश के जरिए एक नई दिशा देना है।
केंद्र सरकार ने देशभर के सात राज्यों को पीएम मित्र पार्क के लिए चुना है। इनमें शामिल हैं तमिलनाडु – विरुद्धनगर, तेलंगाना – वारंगल, गुजरात – नवसारी, कर्नाटक – कलबुर्गी, उत्तर प्रदेश – लखनऊ, महाराष्ट्र – अमरावती, मध्यप्रदेश। इन सभी राज्यों में पार्क की स्थापना की प्रक्रिया शुरू की गई है, लेकिन मध्यप्रदेश ने सबसे तेजी से काम करते हुए बाकी सभी राज्यों से बढ़त बना ली है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार ने इस परियोजना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। यहां न केवल जमीन आवंटन का कार्य पूरा कर लिया गया है, बल्कि निवेश आकर्षण और उद्योगों से शुरुआती समझौता (MoUs) भी हो चुका है। यही कारण है कि निवेशकों और उद्योगपतियों की सबसे ज्यादा नजर अब मध्यप्रदेश पर टिक गई है।
मध्यप्रदेश पहले से ही देश का एक बड़ा टेक्सटाइल हब माना जाता है। इंदौर, बुरहानपुर, खंडवा और देवास जैसे शहर लंबे समय से कपड़ा उद्योग में अग्रणी रहा है। यहां कॉटन और सिंथेटिक टेक्सटाइल के साथ-साथ रेडीमेड गारमेंट्स का भी मजबूत उत्पादन आधार मौजूद है। अब पीएम मित्र पार्क से यह उद्योग और अधिक संगठित, प्रतिस्पर्धी और वैश्विक बाजार उन्मुख हो जाएगा।
पीएम मित्र पार्क के जरिए हजारों करोड़ रुपये का निवेश प्रदेश में आने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। इसमें किसानों से लेकर बुनकरों, फैक्ट्री श्रमिकों से लेकर निर्यात से जुड़े कारोबारी तक सभी को लाभ होगा।
अब तक भारतीय टेक्सटाइल उद्योग मुख्य रूप से छोटे पैमाने पर बिखरा हुआ था, लेकिन पीएम मित्र पार्क से इसे एकीकृत स्वरूप मिलेगा। मध्यप्रदेश की तेजी और पहल से यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में प्रदेश न केवल भारत का बल्कि एशिया का बड़ा टेक्सटाइल हब बन सकता है। इससे प्रदेश की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और निर्यात में भी बढ़ोतरी होगी।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम मित्र योजना भारत के कपड़ा उद्योग को नई ऊंचाई देने वाली है। हालांकि सातों राज्यों में पार्क विकसित किए जाएंगे, लेकिन मध्यप्रदेश की तेज रफ्तार और दूरदर्शी तैयारी ने उसे सबसे आगे कर दिया है। डॉ. मोहन यादव की अगुआई में प्रदेश न केवल निवेशकों का विश्वास जीत रहा है, बल्कि जल्द ही भारत का टेक्सटाइल पावरहाउस बनने की ओर भी अग्रसर है।
