दिल्ली से जम्मू-कश्मीर के कटरा तक यात्रा करने वालों के लिए राहत भरी खबर है। दिल्ली–कटरा एक्सप्रेसवे (एनई-5) को अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (यूईआर-2) से जोड़ने के लिए एक नए एलिवेटेड रोड की योजना पर तेजी से काम शुरू हो गया है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद न केवल यात्रा समय घटेगा, बल्कि राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश भी कहीं अधिक आसान और व्यवस्थित हो जाएगा।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, अप्रैल तक डीपीआर को अंतिम रूप देने का लक्ष्य रखा गया है। डीपीआर में एलिवेटेड रोड की तकनीकी रूपरेखा, लागत, भूमि अधिग्रहण, ट्रैफिक प्रबंधन और पर्यावरणीय पहलुओं को शामिल किया जाएगा।
प्रस्तावित एलिवेटेड रोड की कुल लंबाई लगभग 17.03 किलोमीटर होगी। यह रोड हरियाणा के झज्जर जिले के निलौठी गांव से शुरू होकर लडरावन, पंजाब खोर, जोंटी और कराला जैसे इलाकों से गुजरते हुए रोहिणी सेक्टर-38 के पास यूईआर-2 से जुड़ेगा। यह पूरा मार्ग एलिवेटेड होगा, जिससे स्थानीय ट्रैफिक पर न्यूनतम असर पड़ेगा।
इस एलिवेटेड रोड के बनने से दिल्ली–कटरा एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहनों को दिल्ली में प्रवेश के लिए वैकल्पिक रास्तों या भीड़भाड़ वाले इलाकों से नहीं गुजरना पड़ेगा। यूईआर-2 से सीधे जुड़ाव के कारण वाहन बिना रुकावट राजधानी के अंदरूनी हिस्सों तक पहुंच सकेजी। इससे जाम की समस्या में भी कमी आने की उम्मीद है।
दिल्ली से कटरा जाने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और व्यापारिक यात्रियों के लिए यह परियोजना बेहद फायदेमंद साबित होगी। यात्रा समय कम होने से ईंधन की बचत होगी और लॉजिस्टिक्स लागत भी घटेगी। इसके साथ ही दिल्ली, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के बीच आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
यह एलिवेटेड रोड केवल एक कनेक्टिंग लिंक नहीं होगा, बल्कि भविष्य की शहरी और अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी का मजबूत आधार बनेगा। बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए इस तरह की योजनाएं दिल्ली के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को आधुनिक और टिकाऊ बनाने की दिशा में अहम कदम हैं।
कुल मिलाकर, एनई-5 को यूईआर-2 से जोड़ने वाला यह 17 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड दिल्ली से कटरा की यात्रा को न सिर्फ आसान बल्कि तेज और सुरक्षित भी बनाएगा। डीपीआर के पूरा होते ही इसके निर्माण का रास्ता साफ होगा और आने वाले वर्षों में इसका लाभ लाखों यात्रियों को मिलेगा।
