हैदराबाद के साए में छिपा सच की परतें है - फिल्म ‘चीकाटिलो’

Jitendra Kumar Sinha
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हैदराबाद की रहस्यमयी गलियों और बदलते शहरी परिदृश्य की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म ‘चीकाटिलो’ एक ऐसी कहानी प्रस्तुत करती है, जहां सच की तलाश खुद एक खतरनाक सफर बन जाती है। यह फिल्म केवल एक क्राइम थ्रिलर नहीं है, बल्कि आज के डिजिटल दौर में सच, डर और नैतिकता के टकराव की कहानी भी है।


फिल्म की केंद्रीय पात्र संध्या है, जो पेशे से एक क्राइम पॉडकास्टर है। उसका पॉडकास्ट शहर में हो रहे अनसुलझे अपराधों, रहस्यमयी घटनाओं और दबा दिए गए सच को सामने लाने के लिए जाना जाता है। संध्या मानती है कि हर अपराध के पीछे कोई न कोई सच्चाई छिपी होती है, जिसे उजागर किया जाना जरूरी है।


लेकिन जैसे-जैसे वह अपनी जांच को गहराई में ले जाती है, उसे एहसास होता है कि कुछ सच ऐसे भी होते हैं, जिन्हें सामने लाने की कीमत बहुत भारी पड़ सकती है। उसकी पड़ताल हैदराबाद के उन अंधेरे कोनों तक पहुंचती है, जहां सत्ता, अपराध और डर एक-दूसरे में घुल-मिल जाते हैं।


फिल्म में शोभिता धूलिपाला ने संध्या के किरदार को मजबूती और संवेदनशीलता के साथ निभाया है। उनका अभिनय जिज्ञासा, साहस और भय, तीनों भावनाओं को संतुलित रूप से प्रस्तुत करता है। ईशा चौला और चैतन्यं विशालक्ष्मी सहित अन्य कलाकारों ने भी अपने-अपने किरदारों में प्रभाव छोड़ा है। सहायक पात्र कहानी को केवल आगे नहीं बढ़ाते हैं, बल्कि उसके रहस्य और तनाव को भी गहराई देते हैं।


निर्देशक शरण कोपिशेट्टी ने ‘चीकाटिलो’ को धीमी लेकिन सटीक गति के साथ आगे बढ़ाया है। फिल्म में बेवजह के दृश्य नहीं हैं, हर सीन कहानी के तनाव को बढ़ाने का काम करता है। हैदराबाद को उन्होंने सिर्फ एक शहर की तरह नहीं, बल्कि एक जीवंत किरदार की तरह पेश किया है, जिसके भीतर डर और रहस्य सांस लेते हैं।


‘चीकाटिलो’ आज के समय के उस सवाल को उठाती है, क्या हर सच को सामने लाना जरूरी है? पॉडकास्ट और सोशल मीडिया के दौर में जहां कंटेंट की भूख बढ़ती जा रही है, यह फिल्म जिम्मेदारी और संवेदनशीलता पर भी सवाल करती है। संध्या का संघर्ष दर्शकों को यह सोचने पर मजबूर करता है कि सच की तलाश और आत्म-सुरक्षा के बीच की रेखा कितनी नाजुक होती है।


‘चीकाटिलो’ एक सधी हुई क्राइम थ्रिलर है, जो रहस्य के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक तनाव भी रचती है। दमदार अभिनय, प्रभावशाली निर्देशन और विचारोत्तेजक कहानी इसे देखने लायक बनाती है। जो दर्शक सस्पेंस और गहराई वाली कहानियों में रुचि रखते हैं, उनके लिए यह फिल्म एक दिलचस्प अनुभव साबित हो सकती है।



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