देशभर में डिजिटल यात्रा की होगी नई शुरुआत - एक अप्रैल से टोल प्लाजा होंगे पूरी तरह कैशलेस

Jitendra Kumar Sinha
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देश में सड़क यात्रा को और तेज, सुगम व पारदर्शी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। एक अप्रैल से देश के सभी टोल प्लाजा चरणबद्ध रूप से कैशलेस किए जाएंगे। इसकी शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 25 टोल प्लाजा से होगी। केंद्रीय सड़क परिवहन सचिव वी. उमाशंकर ने स्पष्ट किया है कि नए नियम लागू होने के बाद टोल टैक्स का भुगतान केवल फास्टैग या यूपीआई जैसे डिजिटल माध्यमों से ही किया जा सकेगा।


इस पहल का मुख्य उद्देश्य टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों को खत्म करना और यात्रियों का समय बचाना है। अब तक कैश भुगतान के कारण टोल बूथ पर रुकावटें आती थीं, जिससे जाम की स्थिति बन जाती थी। कैशलेस व्यवस्था से वाहन बिना रुके आगे बढ़ सकेंगे, जिससे ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण भी कम होगा।


इसके साथ ही सरकार पारदर्शिता बढ़ाना चाहती है। डिजिटल भुगतान से टोल संग्रह का पूरा डेटा ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा, जिससे किसी भी तरह की अनियमितता या भ्रष्टाचार की गुंजाइश घटेगी।


फास्टैग पहले से ही देशभर में लागू है, लेकिन अभी भी कई टोल प्लाजा पर कैश की सुविधा मौजूद है। नए नियमों के बाद फास्टैग अनिवार्य हो जाएगा। जिन वाहनों में फास्टैग नहीं होगा, उन्हें यूपीआई के जरिए मौके पर ही भुगतान करना होगा।


इससे उन लोगों को भी राहत मिलेगी, जो किसी कारणवश फास्टैग नहीं लगवा पाए हैं। वे अपने मोबाइल फोन से सीधे भुगतान कर सकेंगे। डिजिटल इंडिया की सोच को यह कदम और मजबूती देगा।


टोल प्लाजा पर इंतजार का समय काफी कम होगा। लंबी कतारों से छुटकारा मिलेगा। ईंधन की बचत होगी और यात्रा सस्ती पड़ेगी। सफर अधिक आरामदायक और तेज होगा। भुगतान की प्रक्रिया पारदर्शी और सुरक्षित बनेगी। लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को भी इससे बड़ा लाभ मिलेगा। ट्रकों और बसों को बार-बार रुकना नहीं पड़ेगा, जिससे समय पर डिलीवरी संभव होगी और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।


इस बदलाव के साथ कुछ चुनौतियां भी सामने आएंगी। ग्रामीण इलाकों में अभी भी कई लोग डिजिटल भुगतान से परिचित नहीं हैं। इसके लिए सरकार को जागरूकता अभियान चलाने होंगे। साथ ही, नेटवर्क की समस्या वाले क्षेत्रों में मजबूत तकनीकी ढांचा तैयार करना भी जरूरी होगा।


सरकार का कहना है कि पायलट प्रोजेक्ट के अनुभवों के आधार पर देशभर में इसे सुचारु रूप से लागू किया जाएगा, ताकि किसी को असुविधा न हो।


एक अप्रैल से टोल प्लाजा का कैशलेस होना भारत की सड़क यात्रा में क्रांतिकारी बदलाव साबित हो सकता है। यह कदम न केवल समय और ईंधन की बचत करेगा, बल्कि डिजिटल भारत के सपने को भी साकार करेगा। यदि इसे सही ढंग से लागू किया गया, तो आने वाले समय में हाईवे पर सफर और भी तेज, सरल और स्मार्ट बन जाएगा।



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