“कनॉट प्लेस का प्राचीन हनुमान मंदिर”

Jitendra Kumar Sinha
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आभा सिन्हा, पटना 

भारत की राजधानी नई दिल्ली के मध्य स्थित कनॉट प्लेस केवल व्यापार और आधुनिक जीवन का केंद्र ही नहीं है, बल्कि आध्यात्मिक चेतना का भी एक प्रमुख केंद्र है। इसी क्षेत्र में स्थित है प्राचीन हनुमान मंदिर कनॉट प्लेस, जिसे महाभारत कालीन माना जाता है। यह मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और वास्तुशिल्पीय दृष्टि से भी अद्वितीय स्थान रखता है।


मान्यता है कि इस मंदिर की स्थापना पांडव काल में हुई थी। जब पांडवों ने इंद्रप्रस्थ (आज की दिल्ली) को बसाया, तब उन्होंने विभिन्न देवी-देवताओं के मंदिर स्थापित किए। उन्हीं में से एक यह हनुमान मंदिर भी है। 


यह माना जाता है कि पांडवों ने भगवान हनुमान की कृपा प्राप्त करने के लिए इस स्थान पर पूजा-अर्चना की थी, ताकि उन्हें युद्ध में विजय प्राप्त हो सके। महाभारत के अनुसार, भीम और हनुमान के बीच भाई का संबंध था (दोनों वायु पुत्र)। इसी कारण भीम ने विशेष रूप से इस मंदिर के निर्माण में रुचि ली।


समय के साथ मंदिर कई बार नष्ट और पुनर्निर्मित हुआ। माना जाता है कि मुगल काल में भी इस मंदिर को संरक्षण मिला। विशेष रूप से राजा मानसिंह और बाद में राजा जयसिंह द्वितीय ने इस मंदिर का पुनर्निर्माण कराया। जयसिंह द्वितीय वही शासक थे जिन्होंने जंतर मंतर का निर्माण भी कराया। इस प्रकार, यह मंदिर न केवल प्राचीन है, बल्कि विभिन्न युगों की स्थापत्य और भक्ति परंपराओं का संगम भी है।


हनुमान मंदिर की वास्तुकला अत्यंत रोचक है। मंदिर का शिखर पारंपरिक हिन्दू शैली में बना हुआ है। प्रवेश द्वार पर विशाल हनुमान प्रतिमा भक्तों का स्वागत करती है।गर्भगृह में बाल हनुमान की प्रतिमा स्थापित है, जो अन्य मंदिरों से भिन्न है। मंदिर की एक विशेषता यह भी है कि यह दिल्ली के उन कुछ प्राचीन मंदिरों में से है जो लगातार सक्रिय रहे हैं।


इस मंदिर की सबसे अद्भुत विशेषताओं में से एक है यहाँ निरंतर चलने वाला "राम नाम" जप। कहा जाता है कि यहाँ "श्री राम जय राम जय जय राम" का जप 24 घंटे निरंतर चलता रहता है। यह परंपरा इतनी लंबी चली है कि इसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी स्थान मिला है। यह जप भक्तों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत माना जाता है।


भगवान हनुमान को "संकट मोचन" कहा जाता है, यानि संकटों को दूर करने वाले। इस मंदिर में आने वाले श्रद्धालु मानते हैं कि यहाँ सच्चे मन से प्रार्थना करने पर कष्ट दूर होते हैं, भय समाप्त होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है। विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को यहाँ भारी भीड़ होती है।


इस मंदिर में कई प्रमुख त्योहार बड़े उत्साह से मनाए जाते हैं। हनुमान जयंती- यह मंदिर का सबसे बड़ा उत्सव होता है। हजारों भक्त यहाँ दर्शन के लिए आते हैं। राम नवमी- राम नवमी के अवसर पर विशेष पूजा और भजन-कीर्तन होते हैं। दीवाली और नवरात्रि- इन अवसरों पर मंदिर को भव्य रूप से सजाया जाता है और विशेष आरती आयोजित होती है।


हर दिन हजारों लोग इस मंदिर में आते हैं। कुछ अपनी समस्याओं के समाधान के लिए, कुछ धन्यवाद देने के लिए और कुछ केवल शांति प्राप्त करने के लिए। यहाँ का वातावरण अत्यंत शांत और आध्यात्मिक होता है, जो मन को तुरंत सुकून देता है।





आज के तेज़-रफ्तार जीवन में यह मंदिर एक "स्पिरिचुअल रिफ्यूज" (आध्यात्मिक आश्रय) की तरह है। कॉर्पोरेट जीवन से जुड़े लोग, विद्यार्थी, पर्यटक, सभी यहाँ आकर मानसिक शांति प्राप्त करते हैं।


यह मंदिर दिल्ली मेट्रो के माध्यम से आसानी से पहुँचा जा सकता है। निकटतम स्टेशन है राजीव चौक, बस और टैक्सी सेवाएँ भी उपलब्ध हैं। इसकी केंद्रीय स्थिति इसे और भी लोकप्रिय बनाती है।


एक प्रसिद्ध कथा के अनुसार, जब भीम जंगल में जा रहे थे, तब उन्हें रास्ते में एक वृद्ध वानर मिला (जो वास्तव में हनुमान थे)। भीम ने उस वानर की पूंछ हटाने का प्रयास किया, लेकिन वे असफल रहे। तब उन्हें अपनी शक्ति पर गर्व टूट गया और उन्होंने हनुमान की महिमा को स्वीकार किया। यह कथा इस मंदिर की आध्यात्मिक पृष्ठभूमि को और भी गहराई देती है।


यह मंदिर केवल धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि दिल्ली की सांस्कृतिक पहचान का भी हिस्सा है। पर्यटक जब दिल्ली आते हैं, तो वे यहाँ अवश्य आते हैं। यहाँ का वातावरण, भक्ति और परंपरा, सब कुछ भारतीय संस्कृति की झलक प्रस्तुत करता है।


हालांकि मंदिर का मूल स्वरूप प्राचीन है, लेकिन समय के साथ इसमें कई आधुनिक सुविधाएँ जोड़ी गई हैं, साफ-सफाई की व्यवस्था, सुरक्षा प्रणाली, डिजिटल दान व्यवस्था। फिर भी इसकी आध्यात्मिकता और परंपरा आज भी वैसी ही बनी हुई है।


कनॉट प्लेस का प्राचीन हनुमान मंदिर केवल एक पूजा स्थल नहीं है, बल्कि यह हजारों वर्षों की आस्था, इतिहास और संस्कृति का जीवंत प्रतीक है। महाभारत काल से लेकर आधुनिक युग तक, यह मंदिर लोगों के जीवन में आशा, शक्ति और विश्वास का केंद्र बना हुआ है।



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