पटना नगर निगम द्वारा शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसके तहत रामचक बैरिया क्षेत्र में 1.29 एकड़ भूमि पर एक आधुनिक डॉग शेल्टर का निर्माण प्रस्तावित है। यह कदम न केवल कुत्तों के संरक्षण और देखभाल के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि शहरवासियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को भी सुनिश्चित करेगा।
प्रस्तावित डॉग शेल्टर लगभग 1.29 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा, जिसमें करीब 2000 कुत्तों को रखने की क्षमता होगी। यह शेल्टर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, जहां कुत्तों के रहने, खाने, इलाज और पुनर्वास की समुचित व्यवस्था की जाएगी। इस परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर शहरी विकास एवं आवास विभाग को भेज दी गई है। विभाग से मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।
नगर निगम का उद्देश्य उन कुत्तों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करना है, जो वर्तमान में सरकारी अस्पतालों, पुलिस स्टेशनों, न्यायालयों और अन्य सरकारी कार्यालयों के परिसरों में घूमते रहते हैं। इन स्थानों पर कुत्तों की उपस्थिति से आम जनता को असुविधा होती है, साथ ही कभी-कभी सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी उत्पन्न होते हैं। ऐसे में यह डॉग शेल्टर इन कुत्तों के लिए एक सुरक्षित और नियंत्रित वातावरण उपलब्ध कराएगा।
पटना नगर निगम ने पिछले छह महीनों में 7,333 आवारा कुत्तों की नसबंदी (Sterilization) और एंटी-रेबीज टीकाकरण का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया है। यह कार्य राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के तहत किया गया है, जिसके अनुसार किसी भी क्षेत्र में कम-से-कम 70 प्रतिशत कुत्तों का टीकाकरण आवश्यक माना जाता है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में निगम की यह पहल सराहनीय है।
नगर निगम को विभिन्न माध्यमों से अब तक कुल 366 शिकायतें आवारा कुत्तों से संबंधित प्राप्त हुई थी। राहत की बात यह है कि निगम ने इन सभी शिकायतों का निष्पादन कर दिया है। यह दर्शाता है कि प्रशासन न केवल योजनाएं बना रहा है, बल्कि उन्हें प्रभावी तरीके से लागू भी कर रहा है।
डॉग शेल्टर के निर्माण से शहर में रेबीज जैसी खतरनाक बीमारी के फैलाव को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही, कुत्तों के आक्रामक व्यवहार से होने वाली घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है। साथ ही, यह पहल पशु कल्याण के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे आवारा कुत्तों को बेहतर जीवन जीने का अवसर मिलेगा।
तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच आवारा पशुओं की समस्या एक बड़ी चुनौती बनकर उभर रही है। ऐसे में पटना नगर निगम का यह कदम शहरी प्रबंधन के लिए एक मॉडल के रूप में देखा जा सकता है। यदि यह परियोजना सफल रहती है, तो अन्य शहरों में भी इसी तरह के शेल्टर बनाने की प्रेरणा मिल सकती है।
रामचक बैरिया में प्रस्तावित डॉग शेल्टर पटना के लिए एक दूरदर्शी और संतुलित पहल है, जो मानव और पशु दोनों के हितों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। यह परियोजना न केवल शहर की स्वच्छता और सुरक्षा को बढ़ाएगी, बल्कि पशु संरक्षण के क्षेत्र में भी एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करेगी।
