हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी सुविधा की घोषणा की है। अब यात्रियों को करेंसी एक्सचेंज के लिए लंबी कतारों या एयरपोर्ट के बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि डिपार्चर गेट के पास ही फॉरेक्स काउंटर्स पर विदेशी मुद्रा का आदान-प्रदान किया जा सकेगा। यह सुविधा न केवल विदेशी यात्रियों के लिए है, बल्कि भारतीय यात्रियों के लिए भी उपलब्ध होगी।
नई व्यवस्था के तहत अब अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर डिपार्चर एरिया, यानि सुरक्षा जांच के बाद के क्षेत्र में भी फॉरेक्स काउंटर्स स्थापित किए जाएंगे। पहले यह सुविधा केवल आगमन (Arrival) क्षेत्र या एयरपोर्ट के बाहर तक सीमित थी। इससे यात्रियों को कई बार असुविधा होती थी, खासकर तब जब वे समय के अभाव में पहले करेंसी एक्सचेंज नहीं कर पाते थे। अब यात्री अपनी फ्लाइट से ठीक पहले भी आसानी से विदेशी मुद्रा प्राप्त कर सकेंगे या बची हुई विदेशी करेंसी को भारतीय रुपये में बदल सकेंगे।
यात्रियों को अब एयरपोर्ट के बाहर फॉरेक्स ढूंढने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे उनका समय बचेगा और यात्रा का अनुभव अधिक सहज बनेगा। कई बार लोग यात्रा से पहले करेंसी एक्सचेंज करना भूल जाते हैं। अब वे फ्लाइट से ठीक पहले यह काम आसानी से कर सकते हैं। एयरपोर्ट के भीतर स्थापित काउंटर्स अधिक सुरक्षित और अधिकृत होंगे, जिससे धोखाधड़ी की संभावना कम हो जाएगी। पहले यह सुविधा मुख्य रूप से विदेशी यात्रियों के लिए होती थी, लेकिन अब भारतीय नागरिक भी इसका लाभ उठा सकेंगे।
यह कदम भारत में अंतरराष्ट्रीय यात्रा को और अधिक सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जब यात्रियों को छोटी-छोटी सुविधाएं आसानी से मिलती हैं, तो उनका यात्रा अनुभव बेहतर होता है। इससे पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा और भारत की वैश्विक छवि मजबूत होगी।
डिपार्चर गेट के पास स्थापित फॉरेक्स काउंटर्स पूरी तरह अधिकृत और नियामक दिशानिर्देशों के तहत काम करेंगे। यहां यात्रियों को भारतीय रुपये से विदेशी मुद्रा में विनिम, विदेशी मुद्रा से भारतीय रुपये में बदलाव, मल्टी-करेंसी कार्ड रिचार्ज और ट्रैवल कार्ड सेवाएं मिलेगी। इन काउंटर्स पर मुद्रा विनिमय दरें पारदर्शी होगी और यात्रियों को रसीद भी प्रदान की जाएगी।
यह सुविधा बेहद उपयोगी है, लेकिन इसके साथ कुछ नियम और शर्तें भी लागू होगी। यात्रियों को वैध पासपोर्ट और टिकट दिखाना अनिवार्य होगा, मुद्रा विनिमय की सीमा आरबीआई के दिशानिर्देशों के अनुसार तय होगी और कुछ मामलों में केवाईसी (KYC) प्रक्रिया भी पूरी करनी पड़ सकती है। इन नियमों का उद्देश्य लेन-देन को सुरक्षित और पारदर्शी बनाए रखना है।
यह पहल डिजिटल और स्मार्ट एयरपोर्ट सेवाओं की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। भारत के प्रमुख हवाई अड्डे पहले ही कई आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं, जैसे डिजिटल बोर्डिंग, फेस रिकग्निशन और ई-गेट्स। अब करेंसी एक्सचेंज की यह सुविधा भी यात्रियों के अनुभव को और बेहतर बनाएगी।
एयरपोर्ट पर डिपार्चर गेट के पास करेंसी एक्सचेंज की सुविधा शुरू करना एक दूरदर्शी और यात्री-केंद्रित निर्णय है। इससे न केवल यात्रियों की परेशानियां कम होगी, बल्कि भारत के एयरपोर्ट्स की कार्यक्षमता और विश्वसनीयता भी बढ़ेगी। आने वाले समय में ऐसी और सुविधाएं शुरू होने की उम्मीद है, जिससे हवाई यात्रा और भी सरल, सुरक्षित और सुविधाजनक बन सके।
