यहां हर कदम पर हिलती है धरती - “केइबुल लामजाओ नेशनल पार्क”

Jitendra Kumar Sinha
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भारत प्राकृतिक चमत्कारों से भरा देश है, जहां हर क्षेत्र अपनी अनोखी पहचान रखता है। कहीं बर्फ से ढके पहाड़ हैं, कहीं घने जंगल और कहीं विशाल झीलें। लेकिन भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर में एक ऐसी जगह मौजूद है, जो दुनिया भर के प्रकृति प्रेमियों और वैज्ञानिकों को हैरान कर देती है। यहां धरती स्थिर नहीं रहती, बल्कि आपके कदमों के साथ हिलती है। यह जगह है केइबुल लामजाओ नेशनल पार्क जो दुनिया का इकलौता तैरता राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है।


यह राष्ट्रीय उद्यान मणिपुर की प्रसिद्ध Loktak Lake पर स्थित है। यह झील पूर्वोत्तर भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील मानी जाती है। राजधानी Imphal से लगभग 53 किलोमीटर दूर स्थित यह स्थान प्रकृति की अद्भुत कला का जीवंत उदाहरण है। केइबुल लामजाओ नेशनल पार्क लगभग 40 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह जमीन पर नहीं, बल्कि पानी के ऊपर तैरता है। यही कारण है कि इसे फ्लोटिंग नेशनल पार्क यानी तैरता राष्ट्रीय उद्यान कहा जाता है।


इस पार्क की असली पहचान "फुम्डी" है। फुम्डी दरअसल मिट्टी, घास, वनस्पति और जैविक पदार्थों का ऐसा मिश्रण है जो समय के साथ सड़कर मोटी परतों में बदल जाता है और पानी की सतह पर तैरता रहता है। यह तैरती हुई घास और वनस्पति देखने में किसी सामान्य जमीन की तरह लगती है। आश्चर्य की बात यह है कि यह इतनी मजबूत होती है कि इंसान और कई वन्य जीवों का वजन भी आसानी से सह सकती है। लेकिन जब कोई इसके ऊपर चलता है तो नीचे पानी होने के कारण पूरी सतह हल्के-हल्के हिलने लगती है। इसलिए यहां चलना किसी रोमांचक अनुभव से कम नहीं होता। यही कारण है कि यहां आने वाले पर्यटक अक्सर कहते हैं कि ऐसा लगता है जैसे धरती सांस ले रही हो।


केइबुल लामजाओ सिर्फ प्राकृतिक रहस्य नहीं, बल्कि जैव-विविधता का खजाना भी है। यह कई दुर्लभ और संकटग्रस्त प्रजातियों का घर है। यहां की सबसे प्रसिद्ध पहचान है संगाई, जिसे मणिपुर का राज्य पशु भी कहा जाता है। संगाई हिरण अपनी विशेष चाल के कारण "डांसिंग डियर" यानि नृत्य करने वाला हिरण भी कहलाता है। चूंकि यह फुम्डी की नरम सतह पर चलता है, इसलिए इसकी चाल बहुत संतुलित और नृत्य जैसी दिखाई देती है। एक समय ऐसा भी आया था जब संगाई विलुप्ति के कगार पर पहुंच गया था। लेकिन संरक्षण प्रयासों ने इसकी संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा यहां विभिन्न प्रकार के पक्षी, मछलियां और अन्य वन्य जीव भी पाए जाते हैं।


यह पार्क प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। यहां सुबह और शाम का दृश्य बेहद मनमोहक होता है। झील के शांत पानी, तैरती वनस्पतियों और पक्षियों की आवाजें एक अलग ही अनुभव देती हैं। पार्क के आसपास बने व्यू-पॉइंट से पर्यटक पूरे क्षेत्र का खूबसूरत नजारा देख सकते हैं। दूर तक फैली झील और उसके बीच तैरते हरे भूभाग ऐसा दृश्य प्रस्तुत करते हैं, मानो किसी चित्रकार ने कैनवास पर कोई जीवित चित्र बना दिया हो।हालांकि यह प्राकृतिक चमत्कार जितना सुंदर है, उतना ही संवेदनशील भी है। जल स्तर में बदलाव, प्रदूषण और मानव गतिविधियों के कारण फुम्डी की संरचना प्रभावित हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते संरक्षण के प्रयास नहीं किए गए तो इस अनोखे पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए सरकार और पर्यावरण संस्थाएं लगातार इसके संरक्षण की दिशा में काम कर रही हैं।


केइबुल लामजाओ नेशनल पार्क केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि प्रकृति की अद्भुत रचना का प्रतीक है। यहां हर कदम पर हिलती धरती हमें यह एहसास कराती है कि प्रकृति के रहस्य अभी भी असीमित हैं। तैरती हुई जमीन, दुर्लभ जीव और मनमोहक दृश्य इसे दुनिया के सबसे अनोखे स्थानों में शामिल करते हैं। यह स्थान साबित करता है कि धरती पर आज भी ऐसे चमत्कार मौजूद हैं, जो विज्ञान और कल्पना दोनों को एक साथ चुनौती देते हैं।



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