बिहार सरकार का निर्णय - ड्राइविंग लाइसेंस के लिए प्रशिक्षण प्रमाणपत्र होगा अनिवार्य

Jitendra Kumar Sinha
0

 


बिहार में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब हल्का मोटर वाहन (एलएमवी) ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवेदकों को राज्य में निबंधित ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल से प्रशिक्षण प्राप्त करने का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। इस संबंध में बिहार मोटरगाड़ी नियमावली में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। यह फैसला मंगलवार को आयोजित बिहार सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में लिया गया।


देश और राज्य में बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं एक गंभीर चिंता का विषय बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अधिकांश दुर्घटनाएं चालक की लापरवाही, यातायात नियमों की जानकारी के अभाव और अपर्याप्त प्रशिक्षण के कारण होती हैं। कई लोग बिना किसी औपचारिक प्रशिक्षण के वाहन चलाना सीख लेते हैं और बाद में लाइसेंस प्राप्त कर लेते हैं। ऐसे चालकों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता अपेक्षाकृत कम होती है। सरकार का मानना है कि यदि प्रत्येक नए चालक को व्यवस्थित और प्रमाणित प्रशिक्षण दिया जाए, तो वह सड़क पर अधिक जिम्मेदारी के साथ वाहन चला सकेगा। इसी सोच के तहत प्रशिक्षण प्रमाणपत्र को अनिवार्य बनाने का निर्णय लिया गया है।


नए नियम के लागू होने के बाद राज्य में पंजीकृत ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूलों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो जाएगी। इन संस्थानों में प्रशिक्षण लेने वाले आवेदकों को वाहन संचालन के व्यावहारिक और सैद्धांतिक दोनों पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान आवेदकों को निम्नलिखित विषयों पर विशेष रूप से शिक्षित किया जाएगा- यातायात संकेतों और नियमों की जानकारी। सड़क सुरक्षा के मूल सिद्धांत। आपातकालीन परिस्थितियों में वाहन संचालन। दुर्घटना से बचाव के उपाय। सुरक्षित एवं जिम्मेदार ड्राइविंग व्यवहार। पर्यावरण-अनुकूल वाहन संचालन। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद संबंधित संस्थान द्वारा प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा, जिसे ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदन के साथ प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।


विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशिक्षित चालक सड़क पर अधिक सतर्क और अनुशासित होते हैं। उन्हें यातायात नियमों की बेहतर समझ होती है और वे जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में उचित निर्णय लेने में सक्षम होते हैं। ऐसे में इस व्यवस्था से सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों में कमी आने की संभावना है। भारत में हर वर्ष लाखों सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों की जान चली जाती है। बिहार भी इस समस्या से अछूता नहीं है। सरकार का यह कदम दुर्घटनाओं को कम करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।


ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले अधिकांश आवेदक युवा होते हैं। नया नियम विशेष रूप से युवाओं को बेहतर चालक बनने में मदद करेगा। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें केवल वाहन चलाना ही नहीं, बल्कि सड़क पर जिम्मेदारी निभाने का भी पाठ पढ़ाया जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि शुरुआती चरण में ही युवाओं को सही ड्राइविंग संस्कृति से परिचित कराया जाए, तो भविष्य में सड़क सुरक्षा के प्रति उनकी सोच अधिक सकारात्मक और जिम्मेदार बनेगी।


अब तक कई मामलों में लोग केवल ड्राइविंग टेस्ट देकर लाइसेंस प्राप्त कर लेते थे। लेकिन प्रशिक्षण प्रमाणपत्र अनिवार्य होने के बाद पूरी प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनेगी। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि लाइसेंस केवल उन्हीं लोगों को मिले जो निर्धारित प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं और सुरक्षित वाहन संचालन की क्षमता रखते हैं। यह व्यवस्था सड़क पर ऐसे चालकों की संख्या बढ़ाएगी जो नियमों का पालन करने के प्रति जागरूक हों और दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।


बिहार सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। परिषद ने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने, यातायात नियमों के पालन को बढ़ावा देने और लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए कई उपायों पर विचार किया। अधिकारियों ने सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता पर भी बल दिया।


एलएमवी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए प्रशिक्षण प्रमाणपत्र को अनिवार्य बनाने का निर्णय बिहार सरकार की दूरदर्शी पहल है। यह केवल लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में बदलाव नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रशिक्षित और जागरूक चालक न केवल अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे, बल्कि अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा में भी योगदान देंगे। यदि इस निर्णय को प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो आने वाले वर्षों में बिहार की सड़कों पर दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी देखने को मिल सकती है और सुरक्षित यातायात व्यवस्था का लक्ष्य अधिक तेजी से प्राप्त किया जा सकेगा।



एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Ok, Go it!
To Top