रेलवे का फैसला - आरएसी यात्रियों को अब मिलेगा पूरा बेडरोल

Jitendra Kumar Sinha
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भारतीय रेलवे ने लाखों रेल यात्रियों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को निर्देश जारी किया है कि अब एसी श्रेणी (एसी चेयर कार को छोड़कर) में यात्रा करने वाले आरएसी (Reservation Against Cancellation) यात्रियों को भी कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों की तरह पूरा बेडरोल किट उपलब्ध कराया जाएगा। इस फैसले से लंबे समय से चली आ रही यात्रियों की एक बड़ी समस्या का समाधान हो जाएगा और यात्रा अधिक आरामदायक बन सकेगी।


रेलवे के नए निर्देश के अनुसार आरएसी यात्रियों को भी वही सुविधाएं मिलेगी जो कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों को दी जाती हैं। बेडरोल किट में शामिल होंगे- दो साफ-सुथरी चादरें, एक कंबल, एक तकिया और एक तौलिया। इस प्रकार अब आरएसी यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा और उन्हें अलग से चादर या कंबल की व्यवस्था करने की आवश्यकता नहीं होगी।


आरएसी यानी Reservation Against Cancellation ऐसी व्यवस्था है जिसमें यात्री को ट्रेन में यात्रा करने का अधिकार तो मिल जाता है, लेकिन उसे पूरी बर्थ नहीं मिलती। आमतौर पर दो आरएसी यात्रियों को एक निचली बर्थ साझा करनी पड़ती है। यदि यात्रा शुरू होने से पहले या यात्रा के दौरान कोई कन्फर्म टिकट रद्द होता है तो आरएसी यात्री की सीट पूर्ण बर्थ में बदल सकती है। हालांकि सीट साझा करने के कारण कई बार यात्रियों को बेडरोल देने में आनाकानी की जाती थी, जिससे उन्हें परेशानी उठानी पड़ती थी।


रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि आरएसी यात्रियों से भी एसी टिकट के किराए में बेडरोल का शुल्क पहले से ही लिया जाता है। इसलिए किसी भी कर्मचारी द्वारा बेडरोल देने से इनकार करना नियमों के विरुद्ध माना जाएगा। यदि किसी यात्री को बेडरोल उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो वह ट्रेन के टीटीई, कोच अटेंडेंट या रेलवे के शिकायत तंत्र के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।


रेलवे के इस निर्णय से विशेष रूप से उन यात्रियों को राहत मिलेगी जो अंतिम समय में आरएसी टिकट पर यात्रा करते हैं। रात की लंबी यात्रा में चादर, कंबल और तकिया नहीं मिलने से उन्हें काफी असुविधा होती थी। अब सभी आरएसी यात्रियों को समान सुविधा मिलने से उनका सफर अधिक सुरक्षित, स्वच्छ और आरामदायक होगा। यह फैसला यात्रियों के बीच समानता की भावना को भी मजबूत करेगा। आखिर जब बेडरोल का शुल्क टिकट में शामिल है तो सुविधा भी सभी पात्र यात्रियों को समान रूप से मिलनी चाहिए।


पिछले कुछ वर्षों में भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार नए कदम उठा रहा है। आधुनिक कोच, ऑनलाइन शिकायत व्यवस्था, बेहतर खानपान, स्वच्छता अभियान, डिजिटल टिकटिंग और यात्री सुरक्षा के साथ-साथ अब आरएसी यात्रियों को पूर्ण बेडरोल उपलब्ध कराने का निर्णय भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे रेलवे की सेवा गुणवत्ता में सुधार होगा और यात्रियों का भरोसा भी मजबूत होगा।


आरएसी यात्रियों को पूरा बेडरोल देने का रेलवे बोर्ड का निर्णय एक स्वागतयोग्य कदम है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि एसी श्रेणी में यात्रा करने वाला प्रत्येक पात्र यात्री, चाहे उसका टिकट कन्फर्म हो या आरएसी, समान मूलभूत सुविधाओं का लाभ उठा सके। यह फैसला न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि भारतीय रेलवे की यात्री-हितैषी सोच को भी दर्शाता है। आने वाले समय में ऐसे निर्णय रेलवे सेवाओं को और अधिक विश्वसनीय, सुविधाजनक तथा यात्री-केंद्रित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


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