WHO की नई रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता - कैंसरकारी श्रेणी में रखी तीन दवाएं

Jitendra Kumar Sinha
0


 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की कैंसर अनुसंधान एजेंसी द्वारा तीन प्रचलित दवाओं- हाइड्रोक्लोरोथियाजाइड (Hydrochlorothiazide), वोरिकोनाजोल (Voriconazole) और टैक्रोलिमस (Tacrolimus) को अपनी 'ग्रुप-1' (कैंसरकारी) श्रेणी में शामिल किए जाने के बाद दुनियाभर में स्वास्थ्य विशेषज्ञों और मरीजों के बीच चर्चा तेज हो गई है। यह खबर सुनकर कई लोगों में चिंता पैदा होना स्वाभाविक है, लेकिन विशेषज्ञ स्पष्ट कर रहे हैं कि इसका अर्थ यह नहीं है कि इन दवाओं का सेवन करने वाला हर व्यक्ति कैंसर का शिकार हो जाएगा।


WHO की इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) विभिन्न पदार्थों और कारकों का वैज्ञानिक अध्ययनों के आधार पर मूल्यांकन करती है। ग्रुप-1 में उन्हीं पदार्थों को रखा जाता है जिनके बारे में पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध हों कि वे कुछ परिस्थितियों में मनुष्यों में कैंसर का कारण बन सकते हैं। हालांकि, यह वर्गीकरण जोखिम (Hazard) को दर्शाता है, न कि किसी व्यक्ति के वास्तविक जोखिम स्तर (Risk) को। अर्थात यह बताता है कि किसी पदार्थ में कैंसर उत्पन्न करने की क्षमता है, लेकिन यह नहीं कि उसका सामान्य या चिकित्सकीय उपयोग हर व्यक्ति के लिए समान रूप से खतरनाक है।


हाइड्रोक्लोरोथियाजाइड का उपयोग मुख्य रूप से उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) और शरीर में अतिरिक्त पानी की समस्या को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। वोरिकोनाजोल एक शक्तिशाली एंटीफंगल दवा है, जिसका उपयोग गंभीर फंगल संक्रमणों के इलाज में किया जाता है। टैक्रोलिमस उन मरीजों को दी जाती है जिनका किडनी, लीवर या हृदय प्रत्यारोपण हुआ हो। यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को नियंत्रित कर प्रत्यारोपित अंग को अस्वीकार होने से बचाती है। इन तीनों दवाओं का चिकित्सा क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान है और लाखों मरीज डॉक्टरों की निगरानी में इनका सुरक्षित उपयोग करते हैं।


विशेषज्ञों का कहना है कि इस नई जानकारी के आधार पर मरीजों को अपनी दवाएं अचानक बंद नहीं करनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति बिना डॉक्टर की सलाह के इन दवाओं का सेवन बंद कर देता है, तो उसके स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं। उदाहरण के लिए, उच्च रक्तचाप की दवा बंद करने से हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है, जबकि प्रत्यारोपण वाले मरीजों में टैक्रोलिमस बंद करने से नया अंग भी प्रभावित हो सकता है।


यदि कोई मरीज इन दवाओं का लंबे समय से उपयोग कर रहा है और इस खबर से चिंतित है, तो उसे अपने चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। डॉक्टर मरीज की बीमारी, दवा की मात्रा, उपचार की अवधि और अन्य स्वास्थ्य स्थितियों को ध्यान में रखकर उचित सलाह देंगे। कई मामलों में यदि आवश्यकता हो तो वैकल्पिक दवा भी उपलब्ध हो सकती है, लेकिन इसका निर्णय केवल विशेषज्ञ चिकित्सक ही कर सकते हैं।


स्वास्थ्य संबंधी खबरों को पढ़ते समय केवल शीर्षक देखकर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। वैज्ञानिक संस्थाएं समय-समय पर नए शोधों के आधार पर दवाओं और अन्य पदार्थों का पुनर्मूल्यांकन करती रहती हैं ताकि मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसलिए किसी भी नई रिपोर्ट को समझदारी के साथ पढ़ना और विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही निर्णय लेना सबसे सुरक्षित उपाय है।


WHO की कैंसर एजेंसी द्वारा हाइड्रोक्लोरोथियाजाइड, वोरिकोनाजोल और टैक्रोलिमस को 'ग्रुप-1' कैंसरकारी श्रेणी में शामिल किया जाना एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक जानकारी है, लेकिन इसे डर का कारण नहीं बल्कि सतर्कता का संकेत माना जाना चाहिए। इन दवाओं का उपयोग करने वाले मरीजों को घबराने या स्वयं दवा बंद करने के बजाय अपने चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। सही जानकारी, नियमित चिकित्सा परामर्श और संतुलित दृष्टिकोण ही बेहतर स्वास्थ्य की सबसे मजबूत कुंजी है।


एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Ok, Go it!
To Top