हर विधानसभा क्षेत्र में दो जगहों का होगा कायाकल्प - ‘पहले’ और ‘बाद’ की तस्वीर बताएगी बदलाव

Jitendra Kumar Sinha
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बिहार में सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों को केवल कागजों तक सीमित रखने के बजाय उनके प्रत्यक्ष परिणाम को जमीन पर दिखाने की तैयारी की गई है। राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम-से-कम दो स्थानों का चयन कर उन्हें पूरी तरह चकाचक किया जाएगा। इन स्थानों पर ऐसा बदलाव लाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे आम लोग अपनी आंखों से देख सकें और जिसकी तस्वीरों के माध्यम से पहले और बाद की स्थिति में स्पष्ट अंतर भी नजर आए। इसके लिए 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है। अभियान के तहत चयनित स्थानों का स्वरूप बदलने के साथ-साथ पूरे कार्य की तस्वीरें भी ली जाएंगी। कार्य शुरू होने से पहले की तस्वीर और कार्य पूरा होने के बाद की तस्वीर को सुरक्षित रखा जाएगा। बाद में इन तस्वीरों को माय भारत पोर्टल की डिजिटल गैलरी पर अपलोड किया जाएगा।


सरकारी योजनाओं की सफलता का वास्तविक आकलन तभी संभव है, जब उनका असर जमीन पर दिखाई दे। इसी सोच के साथ सेवा संकल्प अभियान में ऐसे स्थानों के चयन पर जोर दिया गया है, जहां साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण या अन्य आवश्यक कार्यों के बाद परिवर्तन साफ नजर आए। अभियान का उद्देश्य केवल किसी स्थान की सफाई कर देना नहीं, बल्कि उसे व्यवस्थित और आकर्षक स्वरूप देना है। इस तरह चयनित स्थान अभियान के परिणाम का प्रत्यक्ष उदाहरण बनेंगे। नागरिकों के लिए भी यह देखना आसान होगा कि अभियान के पहले वहां की स्थिति कैसी थी और कार्य पूरा होने के बाद उसमें कितना बदलाव आया।


अभियान की खास बात यह है कि इसका दायरा पूरे राज्य में विधानसभा क्षेत्र के स्तर तक रखा गया है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम-से-कम दो स्थानों को इसके लिए चिह्नित किया जाएगा। इससे अभियान को स्थानीय स्तर तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ऐसे स्थानों का चयन किया जा सकता है, जहां स्वच्छता, रखरखाव, सौंदर्यीकरण या नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्य की आवश्यकता हो। इस प्रक्रिया में संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।


किसी भी सरकारी अभियान के परिणाम को मापने का एक प्रभावी तरीका उसकी ‘पहले और बाद’ की स्थिति को सामने रखना है। सेवा संकल्प अभियान में इसी व्यवस्था को अपनाया जा रहा है। चयनित स्थान की कार्य शुरू होने से पहले की तस्वीर ली जाएगी। इसके बाद वहां निर्धारित कार्य कराए जाएंगे और काम पूरा होने पर बाद की तस्वीर भी ली जाएगी। दोनों तस्वीरों को डिजिटल माध्यम से सुरक्षित करने के साथ माय भारत पोर्टल की डिजिटल गैलरी पर अपलोड किया जाएगा। इससे एक तरह से विकास कार्यों का डिजिटल दस्तावेज भी तैयार होगा। भविष्य में इन तस्वीरों के माध्यम से यह देखा जा सकेगा कि अभियान के तहत किन स्थानों पर क्या काम किया गया और उसका दृश्य परिणाम क्या रहा।


सेवा संकल्प अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए राज्य के सभी संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्य सचिव की ओर से जारी आदेश के बाद विभागों को अभियान के तहत निर्धारित कार्यों को समय सीमा के भीतर पूरा करने की जिम्मेदारी दी गई है। सरकार की कोशिश है कि अभियान केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए। इसके लिए कार्यों को चिह्नित करने, उन्हें पूरा करने और उनके परिणाम को तस्वीरों के माध्यम से दर्ज करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।


17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाला यह अभियान करीब एक महीने की अवधि में स्थानीय स्तर पर बदलाव की तस्वीर सामने लाने का प्रयास है। विधानसभा क्षेत्रवार कम-से-कम दो स्थानों पर किए जाने वाले कार्यों से बड़ी संख्या में स्थान सीधे अभियान से जुड़ेंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि बदलाव केवल दावे में नहीं, तस्वीर में दिखाई देगा। एक ही स्थान की दो तस्वीरें, एक काम से पहले और दूसरी काम के बाद, सरकारी प्रयास और उसके परिणाम के बीच का अंतर स्पष्ट करेगी। यदि इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है तो सेवा संकल्प अभियान सरकारी कामकाज में दृश्य प्रमाण और डिजिटल पारदर्शिता की दिशा में एक उपयोगी पहल साबित हो सकता है। जनता के सामने विकास की तस्वीर होगी और प्रशासन के सामने अपने काम को परिणाम के रूप में प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी। यही इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता मानी जा सकती है।


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