पर्यटन केवल किसी शहर की ऐतिहासिक इमारतों, मंदिरों, महलों और प्राकृतिक सौंदर्य को देखने का माध्यम नहीं है, बल्कि पर्यटक के लिए वह सुखद और सुरक्षित अनुभव का नाम भी है। किसी नए शहर में पहुंचने के बाद सबसे बड़ी जरूरत होती है- सही जानकारी, सुरक्षित मार्गदर्शन और जरूरत के समय तत्काल सहायता। इसी सोच को ध्यान में रखते हुए कर्नाटक पर्यटन विभाग ने मैसूरु में ‘यात्री मित्र’ मोबाइल टूरिस्ट पेट्रोल वाहन सेवा शुरू की है। राज्य में इसे अपनी तरह की पहली पहल बताया जा रहा है। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर रविवार को मैसूरु पैलेस परिसर से इस सेवा की शुरुआत की गई। इसका उद्देश्य केवल पर्यटन स्थलों पर निगरानी रखना नहीं, बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को सुरक्षित, विश्वसनीय और सुविधाजनक पर्यटन अनुभव उपलब्ध कराना है।
किसी अनजान शहर में पर्यटकों के सामने सबसे बड़ी समस्या सही जानकारी प्राप्त करने की होती है। कई बार पर्यटकों को पर्यटन स्थल, होटल, वाहन, टिकट या स्थानीय सुविधाओं के बारे में गलत जानकारी देकर गुमराह किया जाता है। अनधिकृत गाइड या दलाल पर्यटकों की अनभिज्ञता का फायदा उठाकर उन्हें परेशान भी कर सकते हैं। ‘यात्री मित्र’ सेवा का एक प्रमुख उद्देश्य ऐसे दलालों और अनधिकृत गतिविधियों पर रोक लगाना है। पेट्रोल वाहन प्रमुख पर्यटन स्थलों के बीच लगातार गश्त करेगा। इससे पर्यटकों को जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध हो सकेगी और पर्यटन से जुड़े मामलों में आधिकारिक जानकारी हासिल करना आसान होगा।
‘यात्री मित्र’ पेट्रोल वाहन को मैसूरु के प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों के बीच संचालित किया जाएगा। इनमें मैसूरु पैलेस, चामुंडी हिल, मैसूरु चिडियाघर, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं। ये ऐसे स्थान हैं जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से शहर में प्रवेश करने वाले पर्यटकों से लेकर पैलेस और चामुंडी हिल जैसे प्रमुख आकर्षणों तक पहुंचने वालों के लिए यह सेवा एक तरह के मोबाइल सहायता केंद्र के रूप में काम करेगी।
इस वाहन में दो प्रशिक्षित ‘टूरिस्ट मित्र’ तैनात रहेंगे। उनकी भूमिका केवल पर्यटकों को रास्ता बताने तक सीमित नहीं होगी। वे जरूरत पड़ने पर चिकित्सा, सुरक्षा अथवा अन्य आपात परिस्थितियों में प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता के रूप में सहायता करेंगे। किसी पर्यटक के बीमार पड़ने, रास्ता भटकने, किसी अप्रिय स्थिति में फंसने या तत्काल मदद की जरूरत होने पर ये प्रशिक्षित कर्मचारी शुरुआती सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे और आवश्यकता के अनुसार संबंधित सेवाओं से संपर्क में भी मदद करेंगे।
पर्यटक जब किसी नए शहर में पहुंचता है तो उसके लिए यह जानना महत्वपूर्ण होता है कि किस पर्यटन स्थल तक कैसे पहुंचा जाए, वहां जाने का उचित मार्ग क्या है और पर्यटन से संबंधित कौन-सी जानकारी आधिकारिक है। ‘यात्री मित्र’ के माध्यम से पर्यटकों को पर्यटन स्थलों की प्रमाणित जानकारी और मार्ग संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इससे पर्यटकों की निर्भरता अनधिकृत स्रोतों पर कम होगी। साथ ही, पर्यटन विभाग को पर्यटकों की वास्तविक जरूरतों और समस्याओं को सीधे समझने का अवसर भी मिलेगा।
यह सेवा फिलहाल 27 सितंबर से 31 अक्टूबर तक परीक्षण के तौर पर संचालित होगी। मैसूरु में दशहरा पर्यटन सीजन को देखते हुए यह अवधि विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इस दौरान देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद रहती है। त्योहार और पर्यटन का यह मेल मैसूरु को अत्यधिक व्यस्त बना देता है। ऐसे समय में पर्यटन स्थलों पर भीड़ बढ़ने के साथ पर्यटकों की सुरक्षा, मार्गदर्शन और तत्काल सहायता की आवश्यकता भी बढ़ जाती है। इसलिए ‘यात्री मित्र’ की उपयोगिता का वास्तविक आकलन इसी अवधि में हो सकेगा।
पर्यटन विभाग परीक्षण अवधि के दौरान पर्यटकों की प्रतिक्रिया और प्राप्त अनुभवों का अध्ययन करेगा। इसके आधार पर सेवा को स्थायी रूप से जारी करने पर निर्णय लिया जाएगा। भविष्य में इसे मैसूरु के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों तक भी विस्तारित करने की योजना है। दरअसल, पर्यटन उद्योग की सफलता केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाने से नहीं मापी जाती। पर्यटक अपने साथ किसी शहर की जो स्मृतियां लेकर लौटता है, उनमें सुरक्षा, व्यवहार, सुविधा और सही जानकारी की भी बड़ी भूमिका होती है। ‘यात्री मित्र’ इसी भरोसे को मजबूत करने की दिशा में एक पहल है।
मैसूरु अपने महलों, पहाड़ियों, विरासत और सांस्कृतिक परंपराओं के कारण पहले से ही पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। अब ‘यात्री मित्र’ जैसी सेवा पर्यटन को केवल देखने और घूमने के अनुभव से आगे बढ़ाकर सुरक्षित, व्यवस्थित और भरोसेमंद यात्रा बनाने का प्रयास कर रही है। यदि परीक्षण के दौरान यह व्यवस्था पर्यटकों की समस्याओं का प्रभावी समाधान करने में सफल रहती है, तो आने वाले समय में ऐसे मोबाइल पर्यटन सहायता वाहनों का विस्तार अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों तक भी किया जा सकता है। आखिरकार, किसी भी पर्यटन स्थल की असली पहचान केवल उसकी खूबसूरती नहीं, बल्कि वहां आने वाले अतिथि को मिलने वाला सुरक्षा और सम्मान का एहसास भी होता है।

