जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले को लेकर इज़राइल के भारत में राजदूत, रेउवेन अजार, ने गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने इस हमले की तुलना 7 अक्टूबर 2023 को इज़राइल में हुए हमास के हमले से की, जिसमें 1,400 से अधिक लोग मारे गए थे। राजदूत अजार ने कहा कि दोनों हमलों में निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाया गया, जो आतंकवादी संगठनों के बीच बढ़ती समन्वयता का संकेत है।
राजदूत अजार ने यह भी खुलासा किया कि हाल ही में हमास के नेताओं ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) का दौरा किया था, जहां उन्होंने जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकवादी संगठनों के सदस्यों से मुलाकात की। इससे यह संकेत मिलता है कि इन संगठनों के बीच गहरी साजिश और समन्वय हो रहा है।
भारत सरकार ने इस हमले के बाद कड़े कदम उठाए हैं, जिसमें पाकिस्तान के साथ वीज़ा सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित करना और सभी पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने का आदेश शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के मधुबनी में एक सभा को संबोधित करते हुए हमले की कड़ी निंदा की और दोषियों को सजा दिलाने का संकल्प लिया।
राजदूत अजार ने भारत सरकार की त्वरित और सख्त प्रतिक्रिया की सराहना की और वैश्विक समुदाय से आतंकवाद के प्रायोजकों को बेनकाब करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों को समर्थन देने वाले देशों को उजागर करना आवश्यक है, क्योंकि वे धन, खुफिया जानकारी और हथियारों के माध्यम से आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं।
यह हमला भारत के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि आतंकवादी संगठन अब पर्यटकों और आम नागरिकों को भी निशाना बना रहे हैं, जिससे देश की सुरक्षा और पर्यटन उद्योग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
इस घटना ने भारत और इज़राइल के बीच आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता को रेखांकित किया है। दोनों देश अब आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त रणनीतियों और कार्रवाईयों पर विचार कर रहे हैं।
