पाकिस्तान ने भारत के साथ सभी द्विपक्षीय समझौता किया स्थगित

Jitendra Kumar Sinha
0

 


पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के सख्त कदमों के जवाब में पाकिस्तान ने कड़ा रुख अपनाया है। 1972 के ऐतिहासिक शिमला समझौते को रद्द कर, सभी द्विपक्षीय समझौते स्थगित करने का ऐलान कर दिया गया है। ऐसी स्थिति में दोनों देशों के बीच रिश्तों की दरार बढ़ी है। 

पाकिस्तान की नेशनल सिक्योरिटी कमेटी (NSC) की आपात बैठक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में भारत के खिलाफ कई बड़े फैसले लिए गए। फैसलों में, शिमला समझौते को औपचारिक रूप से रद्द करना, सभी द्विपक्षीय समझौतों को निलंबित करना, SAARC SVE वीजा सुविधा को निलंबित करना, भारत के साथ व्यापारिक रिश्ते खत्म करना, भारतीय विमानों के लिए हवाई क्षेत्र बंद करना, वाघा बॉर्डर को सील करना, और भारतीय नागरिकों को 48 घंटे के अंदर पाकिस्तान छोड़ने का आदेश देना (सिख तीर्थयात्रियों को छोड़कर) शामिल है।

सूत्रों के अनुसार, शिमला समझौता जुलाई 1972 को भारत और पाकिस्तान के बीच शिमला में हुआ था, जो ऐतिहासिक समझौता था। इस समझौते पर भारत की ओर से प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पाकिस्तान की ओर से प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो ने हस्ताक्षर किए थे। 1971 के युद्ध में पाकिस्तान की करारी हार के बाद यह समझौता हुआ था, जिसमें पाकिस्तान के 90,000 से अधिक सैनिक भारत की हिरासत में था।

शिमला समझौता में मुख्य बिंदु, दोनों देश अपने सभी विवादों को शांतिपूर्ण तरीकों से सुलझाएंगे, किसी भी मुद्दे को अंतरराष्ट्रीयकरण नहीं किया जाएगा, नियंत्रण रेखा (LoC) का सम्मान किया जाएगा, दोनों देश एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देंगे, शामिल था। शिमला समझौता दोनों देशों के बीच तनाव को नियंत्रित करने का एक प्रमुख आधार था। 

सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई थी। इस संधि के तहत भारत ने पाकिस्तान को सिंधु, झेलम और चेनाब नदियों के पानी पर प्राथमिकता दी थी। 

पाकिस्तान ने SAARC वीजा सुविधा को स्थगित कर दिया है। इसका अर्थ है कि अब भारतीय नागरिकों को पाकिस्तान यात्रा के लिए किसी भी प्रकार की सहूलियत नहीं मिलेगी। व्यापारिक रिश्ते भी समाप्त कर दिए हैं, जिससे सीमापार व्यापार पूरी तरह से ठप हो जाएगा। पाकिस्तानी एयरस्पेस भारतीय विमानों के लिए बंद कर दिया गया है, जिससे कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए वैकल्पिक एयरस्पेस इस्तेमाल करना पड़ेगा।

पाकिस्तान ने 24-25 अप्रैल के बीच कराची तट से अपने विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में मिसाइल परीक्षण का ऐलान कर दिया है। इसके अतिरिक्त, पाकिस्तान एयरफोर्स ने 18 फाइटर जेट्स को कराची एयरबेस से, भारत से सटी सीमाओं पर तैनात कर दिया है। यह गतिविधियां क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ाती है।

पाकिस्तान के शीर्ष राजनयिक साद अहमद वराइच को 'पर्सोना नॉन ग्राटा' घोषित कर दिया गया है। यह कदम स्पष्ट करता है कि भारत पाकिस्तान की गतिविधियों को हल्के में नहीं लेगा। 'पर्सोना नॉन ग्राटा' का अर्थ होता है "अस्वीकार्य व्यक्ति"। कूटनीतिक परंपरा में यह सबसे बड़ा अपमान माना जाता है और इसका मतलब है कि संबंधित व्यक्ति को तुरंत देश छोड़ना होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच मौजूदा तनाव खतरनाक स्तर पर है। यदि कूटनीतिक प्रयास नहीं किए गए तो यह स्थिति संघर्ष का रूप ले सकती है। खासकर सिंधु जल संधि का मुद्दा।

अमेरिका, चीन, रूस जैसे बड़े देश और संयुक्त राष्ट्र भी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। जबकि भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा, लेकिन पाकिस्तान अपनी पारंपरिक 'विक्टिम कार्ड' रणनीति पर चलता नजर आ रहा है।

जहां तक मैं समझता हूं कि भारत और पाकिस्तान के बीच शिमला समझौते का टूटना और द्विपक्षीय रिश्तों का खत्म होना भविष्य में किसी भी संवाद की संभावना को बेहद कठिन बना देगा। अभी की स्थिति सामान्य होने की स्थिति दिख नहीं रहा है। समय और परिस्थितियों के साथ इसकी प्रासंगिकता बदल चुकी है। पाकिस्तान आज भी भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देता है। यह नीति अब बदलने का सही वक्त आ गया है। अब भारत को चाहिए कि वह अपने अधिकारों का पूरी तरह इस्तेमाल करे और केवल शांति बनाए रखने के नाम पर अनावश्यक उदारता राष्ट्रहित में उचित नहीं है।

———————


एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Ok, Go it!
To Top