अमरीका में एक टेस्टिंग इवेंट में, लोग जब खस्ता खट्टी ब्रेड पर मक्खन लगाकर खा रहे थे, तो शायद ही किसी को अंदाजा था कि यह मलाईदार अहसास गाय के दूध से नहीं, बल्कि कोयला खदानों और फैक्ट्रियों से निकली मीथेन गैस से आया था।
कैलिफोर्निया के स्टार्टअप 'सेवर' ने इस मक्खन को विकसित किया है, जो पारंपरिक वसा का पर्यावरण- अनुकूल विकल्प बताया जा रहा है।
सेवर अकेली नहीं है, बिल गेट्स से लेकर अन्य निवेशक अब वैकल्पिक वसा और तेल बनाने वाली कंपनियों मेपर भरोसा जता रहे हैं।
पौधों, कवक और यहां तक कि बुरादे से भी वैकल्पिक फैट तैयार किया जा रहा है। वहीं ऑस्ट्रेलिया लकड़ी के बुरादे से पाम ऑयल तैयार कर रहा है।
ऑस्ट्रेलिया की 'नरिश इंग्रीडिएंट्स' ने तो मिट्टी में पनपने वाले फंगस से एक ऐसा फैटी कंपाउंड तैयार किया है, जो मीट का स्वाद देता है।
'सी 16 बायोसाइंसेज' और 'आयो' कंपनियां लकड़ी के बुरादे से वैकल्पिक पाम ऑयल तैयार कर रही हैं।
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