पहलगाम आतंकी हमला: पर्यटन के बीच मौत की वारदात

Jitendra Kumar Sinha
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22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बैसरन घाटी में हुआ आतंकी हमला पूरे देश को झकझोर गया। इस खूबसूरत पर्यटन स्थल पर, जिसे 'मिनी स्विट्ज़रलैंड' कहा जाता है, आतंकियों ने निर्दोष पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं। इस हमले में कम से कम 28 लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक घायल हुए।


हमला: एक सुनियोजित बर्बरता

हमला दोपहर लगभग 2:50 बजे हुआ। चार से छह आतंकवादी पास के जंगलों से निकलकर अचानक पर्यटकों पर गोलियां चलाने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने पीड़ितों से उनके नाम पूछे और उन्हें इस्लामिक कलमा पढ़ने को कहा। जो ऐसा नहीं कर पाए, उन्हें गोली मार दी गई। हमला खासकर गैर-मुस्लिम पर्यटकों को निशाना बनाकर किया गया था।


जिम्मेदारी और पृष्ठभूमि

इस हमले की जिम्मेदारी 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' नामक आतंकी संगठन ने ली है, जो लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों से जुड़ा है। संगठन ने इसे कश्मीर में 2019 के बाद बसाए गए बाहरी लोगों के खिलाफ एक "प्रतिक्रिया" बताया।


सरकार की प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले की कड़ी निंदा की और सऊदी अरब की यात्रा बीच में छोड़ भारत लौट आए। गृह मंत्री अमित शाह ने दोषियों को सख्त सजा दिलाने का आश्वासन दिया है। सेना और पुलिस ने मिलकर इलाके में व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है, और हमलावरों की तलाश जारी है।


पीड़ितों की पहचान

मारे गए लोगों में अधिकांश पर्यटक हरियाणा से थे। इसके अलावा दो विदेशी नागरिकों की भी मौत हुई। घायलों को हेलीकॉप्टर से श्रीनगर के सैन्य अस्पतालों में ले जाया गया।


पर्यटन पर असर

यह हमला हाल के वर्षों में कश्मीर में हुआ सबसे घातक नागरिक हमला माना जा रहा है। पहलगाम और बैसरन जैसे पर्यटन स्थलों की सुरक्षा को लेकर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन ने पर्यटकों को केवल मुख्य क्षेत्रों में रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सख्त हिदायत दी है।

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