मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की बैठक में कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई है। बिहार सरकार अब मधुबनी, वीरपुर, मुंगेर, बाल्मीकिनगर, भागलपुर और सहरसा में नए हवाईअड्डे बनाने जा रही है। इसके लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की मदद से रिपोर्ट तैयार की जाएगी और इस काम के लिए सरकार ने 2 करोड़ 43 लाख 17 हजार रुपये की स्वीकृति दी है।
बैठक में यह भी तय हुआ कि सीतामढ़ी जिले के पुनौराधाम में एक भव्य सीता मंदिर बनाया जाएगा, जो अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज पर होगा। इसके निर्माण के लिए 17 एकड़ जमीन पहले से उपलब्ध है और 50 एकड़ अतिरिक्त जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में है।
बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के तहत 15,995 करोड़ रुपये की राशि एनटीपीसी को दी जाएगी, जिससे लोगों को अगले वित्तीय वर्ष में बिजली बिल में राहत मिलेगी।
राज्य में 2025 में खेलो इंडिया यूथ गेम्स का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 27 तरह की खेल प्रतियोगिताएं होंगी। इसके लिए 119 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
सरकार ने राज्य के 8 अंचलों में नए डिग्री कॉलेज खोलने का निर्णय भी लिया है। इन कॉलेजों के लिए कुल 526 पदों की स्वीकृति दी गई है। साथ ही, पटना के इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान में निदेशक की सेवा सीमा बढ़ाकर 70 वर्ष कर दी गई है।
राजभवन में अब एक आयुर्वेदिक पंचकर्म केंद्र भी चलेगा, जिसके लिए आयुष डॉक्टर की नियुक्ति होगी। साथ ही यह नियम भी तय किया गया है कि अब 12.20 मीटर से कम चौड़ी सड़कों पर पेट्रोल पंप या गैस स्टेशन नहीं बनाए जाएंगे।
बिहार सरकार ने यह भी फैसला किया है कि ग्रामीण इलाकों के सभी छूटे हुए टोलों को सड़कों से जोड़ा जाएगा। इसके तहत 14 हजार किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया जाएगा।
बाबा गणिनाथ धाम मेला (महनार), बाबा सुंदरनाथ मेला (अररिया) और चैती दुर्गा मेला (खगड़िया) जैसे प्रमुख मेलों का आयोजन अब बिहार राज्य मेला प्राधिकरण के स्तर पर किया जाएगा।
इसके अलावा सरकार ने महाधिवक्ता कार्यालय में 40 पदों, बिहार खेल विश्वविद्यालय में 244 पदों और नगर एवं आवास विभाग के शहरी अभियंत्रण कार्यालयों के लिए 71 पदों को भी मंजूरी दी है।
इन फैसलों से साफ है कि बिहार अब बुनियादी ढांचे, धार्मिक पर्यटन, शिक्षा, खेल और रोजगार के नए अवसरों की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

