बिहार में बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगी बड़ी राहत, मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के तहत 15,995 करोड़ रुपये की स्वीकृति

Jitendra Kumar Sinha
0





बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 15,995 करोड़ रुपये की अनुदान राशि को मंजूरी दे दी है। यह अनुदान राज्य के सभी विद्युत उपभोक्ताओं को सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दिया गया है। पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में यह राशि 15,343 करोड़ रुपये थी। इस बार की राशि में 652 करोड़ रुपये की वृद्धि की गई है, जो कि लगभग चार प्रतिशत अधिक है।


राज्य सरकार बिजली की लागत आधारित दरों को देखते हुए हर वर्ष उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए अनुदान देती है। इसी क्रम में इस वर्ष भी सभी वर्गों के उपभोक्ताओं को राहत दी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को विशेष राहत दी गई है। पहले जहां 0 से 50 यूनिट और उससे अधिक खपत पर अलग-अलग दरें थीं, अब उन्हें समाप्त कर एक समान न्यूनतम दर लागू की गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के करीब 1.25 करोड़ उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 54 पैसे की बचत होगी।


स्मार्ट प्री-पेड मीटर का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को 25 पैसे प्रति यूनिट की अतिरिक्त रियायत दी जाएगी। वहीं, कृषि क्षेत्र के उपभोक्ताओं को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। कोल्ड स्टोरेज को भी कृषि श्रेणी में रखा गया है, जिससे उन्हें भी सिर्फ 55 पैसे प्रति यूनिट की दर पर बिजली मिलेगी। इससे भंडारण की लागत घटेगी और लोगों को सस्ते दाम पर कृषि उत्पाद मिल सकेंगे।


बीपीएल (कुटीर ज्योति) परिवारों को भी विशेष राहत दी गई है। उनके लिए बिजली की दर 1.97 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है। ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं के लिए यह दर 2.45 रुपये, ग्रामीण व्यावसायिक के लिए 3.35 रुपये, शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 4.12 रुपये, हर घर नल का जल योजना के लिए 2.45 रुपये, लघु उद्योगों के लिए 6 रुपये और बड़े उद्योगों के लिए 6.40 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है।


ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा किए गए वादे के अनुसार राज्य की जनता को सस्ती, गुणवत्तापूर्ण और निरंतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि बिजली उत्पादन, वितरण और ट्रांसमिशन की बढ़ती लागत को देखते हुए सरकार अधिकांश खर्च को वहन कर रही है ताकि आम लोगों को कम दर पर बिजली मिल सके। यह योजना राज्य सरकार की जनकल्याणकारी सोच का उदाहरण है। इससे बिहार के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Ok, Go it!
To Top