जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देशभर में सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया तंत्र की क्षमता को लेकर बहस छिड़ गई है। इसी बीच वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व राजनयिक शशि थरूर ने एक बेहद अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि दुनिया का कोई भी देश सौ फीसदी अचूक खुफिया व्यवस्था नहीं रखता।
थरूर ने मीडिया से बातचीत में कहा, "हमें यह समझना चाहिए कि चाहे अमेरिका हो, ब्रिटेन हो या फिर कोई और विकसित राष्ट्र — कोई भी देश यह दावा नहीं कर सकता कि उसका खुफिया तंत्र पूरी तरह से अचूक और अभेद्य है। चूक की संभावना हमेशा बनी रहती है।"
सरकार से सवाल भी, लेकिन संयम की नसीहत
हालांकि थरूर ने इस मौके पर केंद्र सरकार से भी सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि सरकार को यह देखना चाहिए कि आखिर सुरक्षा में चूक कहां और कैसे हुई। लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी आगाह किया कि हमें अपनी आलोचना में संतुलन बनाए रखना चाहिए। राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, बल्कि एकजुट होकर चुनौतियों का सामना करना चाहिए।
पहलगाम हमले ने खोली खुफिया तंत्र की कमजोरियाँ
ज्ञात हो कि हाल ही में पहलगाम में आतंकियों ने सेना के जवानों को निशाना बनाया था। इस हमले ने देश की आंतरिक सुरक्षा और खुफिया सूचना प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे समय में शशि थरूर का यह बयान कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वह इस बात को रेखांकित कर रहे हैं कि कोई भी तंत्र मानवीय चूकों से पूरी तरह मुक्त नहीं हो सकता, लेकिन सुधार की कोशिशें लगातार होती रहनी चाहिए।
राष्ट्रीय एकता की जरूरत
थरूर ने जोर देकर कहा कि इस तरह के हमलों के बाद देश में डर या निराशा का माहौल नहीं बनना चाहिए। आतंकियों का मकसद ही यही होता है कि समाज में भय और अस्थिरता फैलाई जाए। ऐसे में देशवासियों को एकजुट रहकर आतंकवाद के खिलाफ डटकर खड़ा होना चाहिए।
