भारतीय नौसेना के नवीनतम स्वदेशी निर्देशित मिसाइल विध्वंसक पोत, INS सूरत, ने 24 अप्रैल 2025 को अरब सागर में एक मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (MR-SAM) का सफल परीक्षण किया। यह परीक्षण पहलगाम में हुए आतंकी हमले के दो दिन बाद और पाकिस्तान द्वारा अपने मिसाइल परीक्षण की घोषणा से पहले किया गया, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य में भारत की तत्परता और आत्मनिर्भरता का प्रदर्शन हुआ।
परीक्षण की विशेषताएं
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INS सूरत ने समुद्र की सतह के करीब उड़ने वाले लक्ष्य पर सटीक निशाना साधते हुए MR-SAM का सफल परीक्षण किया।
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यह मिसाइल प्रणाली भारत और इज़राइल के संयुक्त प्रयास से विकसित की गई है, जिसकी मारक क्षमता 70 किमी तक है।
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यह परीक्षण भारतीय नौसेना की स्वदेशी युद्धपोत डिजाइन, विकास और संचालन में बढ़ती क्षमता को दर्शाता है।
INS सूरत: आत्मनिर्भर भारत की मिसाल
INS सूरत, प्रोजेक्ट 15B के तहत निर्मित चौथा और अंतिम विध्वंसक पोत है, जिसे जनवरी 2025 में सेवा में शामिल किया गया था। इस पोत में 75% स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है और यह अत्याधुनिक हथियार-सेंसर पैकेज और उन्नत नेटवर्क-केंद्रित क्षमताओं से लैस है। इसमें ब्रह्मोस और बराक-8 मिसाइलें, उन्नत रडार प्रणाली और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का एकीकरण शामिल है।
क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य
यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान ने अरब सागर में सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल के परीक्षण की घोषणा की है। पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है, और दोनों देशों की सेनाएं उच्च सतर्कता पर हैं।
भारतीय नौसेना ने इस परीक्षण को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है और कहा है कि यह देश की समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने में मील का पत्थर है।
इस सफल परीक्षण से भारत ने एक बार फिर साबित किया है कि वह अपनी समुद्री सीमाओं की रक्षा के लिए पूरी तरह से सक्षम और तैयार है।
