सुप्रीम कोर्ट में वक्फ कानून को लेकर सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी और कपिल सिब्बल ने अपनी दलीलें प्रस्तुत कीं। मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने उनकी बातों को ध्यानपूर्वक सुना और महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ कीं।
सिंघवी ने तर्क दिया कि वक्फ अधिनियम में कुछ प्रावधान संविधान के मूलभूत अधिकारों का उल्लंघन करते हैं। उन्होंने विशेष रूप से संपत्ति के अधिकार और धर्म की स्वतंत्रता पर जोर दिया। सिब्बल ने भी इस मुद्दे पर अपनी सहमति जताई और कहा कि कानून में संशोधन की आवश्यकता है ताकि यह सभी समुदायों के लिए न्यायसंगत हो।
मुख्य न्यायाधीश खन्ना ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद कहा कि अदालत इस मामले की गहराई से समीक्षा करेगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन और उनका सही उपयोग एक संवेदनशील मुद्दा है, जिसे संतुलित दृष्टिकोण से देखना आवश्यक है।
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है ताकि मामले की पूरी तस्वीर सामने आ सके। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि सभी संबंधित पक्षों को सुना जाए ताकि न्यायसंगत निर्णय लिया जा सके।
यह मामला देश में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और उनके कानूनी पहलुओं पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। अगली सुनवाई की तिथि जल्द ही निर्धारित की जाएगी, जिसमें आगे की बहसें होंगी और संभवतः अदालत अपना निर्णय सुनाएगी।
