बिहार चुनाव से पहले दीवारों पर संग्राम, NDA-RJD की पोस्टर पॉलिटिक्स

Jitendra Kumar Sinha
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बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है और इस बार वजह बना है पटना की सड़कों पर चला पोस्टर युद्ध। एनडीए और राजद के बीच ज़ुबानी जंग अब दीवारों पर उतर आई है, जहां दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जमकर निशाना साधा है। शनिवार सुबह पटना के प्रमुख इलाकों में पोस्टर लगे नजर आए जिनमें नेताओं का मज़ाक उड़ाते हुए तीखे राजनीतिक तंज कसे गए।


राजद समर्थकों ने एक पोस्टर में एनडीए को “नेशनल दामादवादी अलायंस” कहकर निशाना बनाया। इस पोस्टर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, लोजपा प्रमुख चिराग पासवान और हम प्रमुख जीतन राम मांझी की तस्वीरें लगी थीं। साथ ही लिखा था—“बिहार फर्स्ट नहीं, जीजा जी फर्स्ट”—जो सीधे तौर पर चिराग पासवान को लेकर तंज था। इसमें यह आरोप लगाया गया कि एनडीए जातिवाद, भाई-भतीजावाद और दामादवाद को बढ़ावा दे रहा है।


इस राजनीतिक हमले का जवाब एनडीए समर्थकों ने उसी अंदाज में दिया। उनके द्वारा लगाए गए पोस्टर में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की तस्वीर थी, जिसमें वे गुस्से में दिख रहे थे। नीचे लिखा था—“मेरा बाप चारा चोर है, मुझे वोट दो।” यह सीधा-सीधा हमला लालू प्रसाद और उनके बेटे तेजस्वी यादव पर था, जो राजद की राजनीति में परिवारवाद और भ्रष्टाचार के प्रतीक माने जाते हैं।


इस पोस्टर वॉर के जरिए यह साफ हो गया है कि बिहार में चुनावी मौसम से पहले राजनीतिक दल अब नैतिकता, मुद्दों और योजनाओं की बजाय व्यक्तिगत हमलों और पारिवारिक इतिहास पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। चिराग पासवान पर निशाना साधे जाने से यह भी स्पष्ट है कि एनडीए के भीतर भी सीटों को लेकर अब तक पूरी स्पष्टता नहीं है और सहयोगियों में हलचल बनी हुई है।


ऐसे पोस्टर वॉर से जहां जनता का ध्यान असली मुद्दों से हटता है, वहीं यह भी झलकता है कि पार्टियों के पास जनता को बताने के लिए ठोस योजनाएं कम और एक-दूसरे की छवि बिगाड़ने का सामान ज़्यादा है। जैसे-जैसे चुनाव करीब आएंगे, ऐसे हमलों और जवाबी हमलों का सिलसिला और तेज़ होने की संभावना है।

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