डोनाल्ड ट्रंप का दावा: इज़राइल और ईरान के बीच पूर्ण युद्धविराम की सहमति

Jitendra Kumar Sinha
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डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि इज़राइल और ईरान के बीच पूरी तरह से और पूर्ण युद्धविराम पर सहमति बन गई है। उनके अनुसार यह ‘12 दिन का युद्ध’ अब समाप्त होने जा रहा है। ट्रंप ने अपने Truth Social प्लेटफॉर्म पर लिखा कि यह युद्धविराम अगले छह घंटों में लागू हो जाएगा और इसकी शुरुआत एक चरणबद्ध तरीके से होगी। पहले 12 घंटे ईरान की ओर से कोई हमला नहीं होगा, और अगले 12 घंटे इज़राइल शांत रहेगा। अगर यह योजना सफल रही, तो इसे दोनों देशों के बीच युद्ध का आधिकारिक अंत माना जाएगा।


ट्रंप ने इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया और कहा कि यह संघर्ष बहुत लंबे समय तक चल सकता था, लेकिन दोनों पक्षों की "हिम्मत, धैर्य और बुद्धिमत्ता" की वजह से यह टल गया। उन्होंने यह भी कहा कि यह युद्ध पूरा मध्य पूर्व तबाह कर सकता था और दुनिया को एक गंभीर संकट में डाल सकता था।


यह घोषणा उस समय आई है जब ईरान ने अमेरिकी एयरबेस अल-उदैद (कतर) पर मिसाइल दागे थे, जो अमेरिका द्वारा ईरान के परमाणु स्थलों पर की गई बमबारी का जवाब था। हालांकि इस मिसाइल हमले में कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ और अमेरिका ने इसे ‘प्रतीकात्मक हमला’ बताया। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने इस हमले से पहले अमेरिका को सूचित कर दिया था, जिससे किसी की जान नहीं गई। उन्होंने इसके लिए ईरान को धन्यवाद भी दिया।


हालांकि, ईरान की ओर से इस युद्धविराम को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ईरान के उप विदेश मंत्री अब्बास अरेचची ने कहा कि अभी तक कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक इज़राइल अपनी सैन्य कार्रवाइयाँ नहीं रोकता, तब तक ईरान भी पीछे नहीं हटेगा। वहीं इज़राइल की ओर से भी इस कथित युद्धविराम पर कोई बयान नहीं आया है।


डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया है, लेकिन ज़मीनी सच्चाई यह है कि दोनों देशों में तनाव अभी भी बरकरार है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रंप की राजनीतिक रणनीति हो सकती है या एक कूटनीतिक चाल, जो उन्होंने राष्ट्रपति पद की संभावित दावेदारी के मद्देनज़र चली हो।


फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। दुनिया इंतज़ार कर रही है कि क्या यह दावा सिर्फ एक राजनीतिक बयान था या वाकई इज़राइल और ईरान के बीच युद्धविराम का कोई ठोस आधार बन चुका है। जब तक दोनों देशों की सरकारें सार्वजनिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं करतीं, तब तक यह सिर्फ एक प्रस्ताव या दावा ही माना जाएगा।

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