बिहार की राजनीति में एक बार फिर विवाद गर्म हो गया है। राजद के वरिष्ठ विधायक भाई वीरेंद्र ने एक पंचायत सचिव से हुए विवाद को लेकर बयान दिया है। उन्होंने इसे एक सोची-समझी साजिश बताया है और साफ कहा है कि वह डरने वाले नहीं हैं।
भाई वीरेंद्र ने कहा, "मेरे खिलाफ जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वो बेबुनियाद हैं। यह मुझे बदनाम करने की एक साजिश है। मैं किसी से डरने वाला नहीं हूं। मेरी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन सच्चाई जल्द सामने आ जाएगी।"
पूरा विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब एक पंचायत सचिव के साथ उनकी बहस हो गई। आरोप है कि विधायक ने सचिव से दुर्व्यवहार किया और उसे धमकाया। यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद विपक्षी दलों ने भी भाई वीरेंद्र को घेरना शुरू कर दिया।
इस पर भाई वीरेंद्र ने पलटवार करते हुए कहा कि यह पूरी घटना एक प्रायोजित ड्रामा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग उन्हें राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाना चाहते हैं, इसलिए ऐसी घटनाएं सामने लाई जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे खुद प्रशासन से पूरे मामले की जांच की मांग करेंगे ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
भाई वीरेंद्र ने जनता से अपील की कि वे इन अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि उनका अब तक का राजनीतिक जीवन साफ-सुथरा रहा है और वो आगे भी बिना किसी दबाव के लोगों की सेवा करते रहेंगे।
इस घटना ने राजद के भीतर और विपक्ष के बीच एक नई बहस को जन्म दे दिया है। अब देखना यह है कि जांच में क्या निकलता है और इस विवाद का राजनीतिक असर कितना गहरा होता है।
