प्रकृति में जीवन देने वाले पौधों और फलों के बीच कई ऐसी प्रजातियाँ भी छिपी होती हैं जो इंसान के लिए घातक साबित हो सकती हैं। ऐसी ही एक खतरनाक प्रजाति है मशरूम का एक रूप “डेथ कैप मशरूम” (Death Cap Mushroom), जिसे वैज्ञानिक भाषा में ‘अमानिता फालोइड्स’ (Amanita phalloides) कहा जाता है। यह दुनिया के सबसे जहरीले मशरूम में गिना जाता है और इसकी खतरनाकी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि केवल एक मशरूम ही इंसान की जान लेने के लिए पर्याप्त है।
“डेथ कैप मशरूम” आम तौर पर हरे, पीले या हल्के ऑलिव रंग का दिखाई देता है। इसका आकार और बनावट कई खाने योग्य मशरूम से मिलती-जुलती होती है। यही वजह है कि अक्सर लोग इसे भोजन योग्य समझकर तोड़ लेते हैं और गलती से खा भी जाते हैं। इसका टोपीनुमा हिस्सा (cap) 5 से 15 सेंटीमीटर तक चौड़ा हो सकता है और इसका नीचे का हिस्सा सफेद रंग का होता है।
इस मशरूम में मौजूद अमाटॉक्सिन (Amatoxin) नामक रसायन इसे सबसे खतरनाक बनाता है। अमाटॉक्सिन में मौजूद ए-अमनिटिन (α-amanitin) बेहद जहरीला होता है। यह विष शरीर में पहुंचकर कोशिकाओं को तेजी से नष्ट कर देता है, खासकर लीवर और किडनी की कोशिकाओं को। विष का असर इतना खतरनाक होता है कि समय पर इलाज न मिलने पर मृत्यु लगभग निश्चित हो जाती है।
“डेथ कैप मशरूम” खाने के 6 से 12 घंटे बाद असर दिखाना शुरू करता है। शुरुआती लक्षण में तेज पेट दर्द, उल्टी, दस्त और डिहाइड्रेशन होता है। अगला चरण में कुछ समय बाद मरीज को राहत महसूस होती है, लेकिन यह सबसे खतरनाक स्थिति होती है क्योंकि अंदरूनी अंग धीरे-धीरे नष्ट हो रहे होते हैं और अंतिम चरण में लीवर और किडनी फेल हो जाता है, जिससे मरीज कोमा में जा सकता है और मौत हो सकती है।
वर्तमान में डेथ कैप विष का कोई विशिष्ट एंटीडोट उपलब्ध नहीं है। डॉक्टर केवल सहायक उपचार (supportive treatment) जैसे डिहाइड्रेशन रोकना, लीवर की कार्यक्षमता बनाए रखना और अंग प्रत्यारोपण (liver transplant) पर निर्भर रहते हैं। समय पर अस्पताल पहुंचना और तुरंत इलाज शुरू करना ही बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।
जंगली मशरूम तोड़कर खाने से बचना चाहिए। मशरूम की पहचान बिना विशेषज्ञ के भरोसे नही करना चाहिए। यदि गलती से खा लिया जाए तो तुरंत नजदीकी अस्पताल जाना चाहिए। बच्चों को जंगल या बगीचे में उगे अनजान मशरूम से दूर रखना चाहिए।
“डेथ कैप मशरूम” प्रकृति की एक ऐसी अनोखी लेकिन घातक देन है जो दिखने में आकर्षक होते हुए भी मौत को न्योता देता है। इसकी पहचान में चूक इंसान की जान ले सकती है। इसलिए ज़रूरी है कि मशरूम जैसी प्राकृतिक प्रजातियों को समझना चाहिए, उससे होने वाले खतरे को जानना चाहिए और सावधानी बरतना चाहिए।
