दुनिया का सबसे छोटा - “गुलाबी फेरी आर्माडिलो”

Jitendra Kumar Sinha
0

 




प्रकृति ने जीव-जंतुओं की दुनिया को ऐसे-ऐसे अनोखे प्राणियों से भरा है जिनके बारे में जानकर हैरानी होती है। इन्हीं में से एक है “गुलाबी फेरी आर्माडिलो” (Pink Fairy Armadillo), जिसे वैज्ञानिक नाम ‘क्लेमिफोरस गु ट्रन्केटस’ (Chlamyphorus truncatus) से जाना जाता है। यह धरती पर मौजूद सबसे छोटा आर्माडिलो है, जिसकी लंबाई मात्र 12 से 15 सेंटीमीटर और वजन लगभग 100 से 120 ग्राम होता है। अपने अनोखे स्वरूप और रहस्यमयी जीवनशैली के कारण यह वैज्ञानिकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का विषय है।

“गुलाबी फेरी आर्माडिलो” की सबसे बड़ी खासियत उसका गुलाबी रंग का नाजुक कवच (shell) है। यह कवच उसकी पीठ को ढकता है और उसे सुरक्षात्मक ढाल प्रदान करता है। दिलचस्प बात यह है कि यह कवच शरीर के खून के प्रवाह से जुड़ा होता है, जिसके कारण इसका रंग हल्के से गहरे गुलाबी तक बदल सकता है। यही वजह है कि इसे "फेरी" यानि परियों जैसा नाम दिया गया है।

इसके शरीर का निचला हिस्सा मुलायम सफेद रोएं से ढका होता है, जबकि आगे की ओर मौजूद इसके मजबूत पंजे इसे रेतीली मिट्टी में खोदने में मदद करता है। इसकी पूंछ अपेक्षाकृत छोटी और कठोर होती है, जो इसे जमीन पर स्थिरता प्रदान करती है।

यह जीव अर्जेंटीना के रेतीले और शुष्क मैदानों में पाया जाता है। यह ज्यादातर समय भूमिगत बिलों में रहता है और बाहर कम ही दिखाई देता है। इसकी जीवनशैली रात्रिचर (nocturnal) है यानि यह रात में सक्रिय होता है। दिन में यह बिलों में छिपकर रहता है ताकि तेज धूप और शिकारी जानवरों से बच सके।

“गुलाबी फेरी आर्माडिलो” बहुत ही तेज खोदक (efficient digger) होता है। कहा जाता है कि यह उतनी ही तेजी से मिट्टी में खोदकर छिप सकता है जितनी तेजी से मछली पानी में तैरती है। यही वजह है कि वैज्ञानिकों के लिए इसका अध्ययन करना बेहद कठिन है।

“गुलाबी फेरी आर्माडिलो” का मुख्य भोजन कीट-पतंगे, चींटियां, लार्वा और केंचुए होते हैं। यह छोटे-छोटे जीवों को जमीन से खोदकर खा जाता है। इस तरह यह मिट्टी के अंदर मौजूद कीटों की संख्या को नियंत्रित करता है और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में योगदान देता है।

इसके खोदने की आदत से मिट्टी की गुणवत्ता भी बेहतर होती है क्योंकि इससे मिट्टी में हवा और नमी का आदान-प्रदान होता है। यानि यह छोटा सा जीव भी प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र में बड़ी भूमिका निभाता है।

“गुलाबी फेरी आर्माडिलो” को देखना बेहद दुर्लभ है। यही कारण है कि इसके बारे में बहुत सीमित जानकारी उपलब्ध है। परंतु आधुनिक दौर में इंसानी गतिविधियों ने इसके अस्तित्व को खतरे में डाल दिया है। खेतों की जुताई और शहरीकरण से इसकी प्राकृतिक भूमि घट रही है। बदलते तापमान और नमी इसकी जीवनशैली पर असर डालते हैं। कई बार लोग इसे पकड़कर पालने की कोशिश करते हैं, लेकिन यह कभी भी कैद में लंबे समय तक जीवित नहीं रह पाता है। इसीलिए इसे संकटग्रस्त (Endangered) प्रजातियों में गिना जाता है और अर्जेंटीना में इसे कानूनी संरक्षण प्राप्त है।



एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Ok, Go it!
To Top